Friday, January 18, 2013

मुसलमान सेकुलरिस्म की बात

मुसलमानों के जनसंख्या विस्फोट से खोखला होता भारत ! ज्यादा से ज्यादा शेयर


आज कल आप लोग ने देखा होगा की मुसलमान सेकुलरिस्म की बात करते नज़र आते हैं! जब गुट में होते हैं या मज़बूत स्थिति में तो अलगाववाद, आतंकवाद और मुस्लिम बर्बरता का साक्षात् प्रतिरूप..... परन्तु जैसे ही इनकी स्थिति कमज़ोर पड़ती है या सामने वाला हावी होता दिखाई देता है .... यह वैसे ही सेचुलारिम की बात करने लगते हैं! आप सोचते हैं की यह सुधर गए या शायद अपनी गलती समझ गए परन्तु ऐसा नहीं होता! यह सब ढोंग होता है आप जैसे ही यह सोच कर पीछे हटाते हैं यह वैसे होई अपने रंग दिखाना शुरू कर देते हैं! मौका मिले तो पीठ में छुरा तक घोप दें!
यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है... यह इनके अपवित्र ग्रथ 'कुरान' में लिखा है.... इसे 'तकइआह' कहते हैं.... इनके यहाँ लिखा है की जब गैर महाबियो बीच में जाओ तो सेकुलर होने का दिखावा करो!
आपको क्या लगता है की हमारे पूर्वज कायर थे या ये मुल्ले ज़्यादा सबल! ऐसा कुछ नहीं था गजनवी हमसे १६ बार हार के गया... हर बार हार जाने पर पैर पकडे! हर बार अपने अल्लाह और कुरान की कसम खायी की हिन्दुस्तान की और आँख उठा के नहीं देखेगा... और हमने तब भी इनका विश्वास कर लिया जैसे की आज भी हम कई बार कर लेते हैं! पर नतीजा? धोखा और हर बार धोखा! यह कौम ही ऐसी कौम नहीं है की जिस पर भरोसा किया जा सके! जिस किसी ने भी इस शैतानी कौम पर भरोसा किया उसने भोगमान भोगा है!
इस लिए हिन्दुओं आज भी जागो और मुल्लो की बात का आँख बंद कर के भरोसा मत करो चाहे यह कितनी भी कसम क्यूँ ना खाएं!! यह मुल्ले तभी सेकुलरिस्म की बात करते हैं जब इनकी स्थिति कमज़ोर होती है! यह केवल धोखा होता है जो की इनका धर्म गैर मुस्लिमो को देने के लिए कहता है और इस तकनीक को ये मुल्ले 'तकऐआह' कहते हैं!

No comments:

Post a Comment