Wednesday, January 30, 2013

मोपला कांड में ही अकेले २० हजार हिन्दुओं को काट डाला गया

राष्ट्र विरोधी व् हिन्दू विरोधी था गाँधी का असहयोग आन्दोलन
मोपला कांड में ही अकेले २० हजार हिन्दुओं को काट डाला गया ,२० हजार से ज्यादा को मुस्लमान बना डाला. १० हजार से अधिक हिदू ओरतों के बलात्कार हुए . और यह सब हुआ गाँधी के असहयोग आन्दोलन के कारण मह्रिषी अरविन्द ने १९०९ में कहा था "प्रारंभ से ही कोंग्रेस ने राजनीति में सदैव अपनी द्रष्टि को समाज से अलग केवल ब्रिटिश शासन की स्वामिभक्ति की ओर ही लगाए रक्खा।"
"१९०६ के आस-पास से ही कोंग्रेसमें मतभेद शुरू हो गए थे।कोंग्रेस नरम व गरम दलों में विभाजित हो गयी थी।"
नरम दल यानि अंग्रेजों की स्वामिभक्ति करने वाला दल था जिसके नेता थे गोखले व मोती लालनेहरू। दूसरा गरम दल जिसके नेता लोक मान्य तिलक थे। तिलक का नारा था ,"स्वराज मेराजन्म सिद्ध अधिकार है और मै उसे लेकर रहूँगा। " या कह सकते हैं कि कोंग्रेस का गरम दल वास्तव में एकराष्ट्रवादी कोंग्रेस का रूप था। यानि कि १९०६ से १९२० तक तिलक के नेर्तत्व में कोंग्रेस एक राष्ट्रवादी दल रहा। लेकिन १९१६ में गाँधी के अफ्रीका से आने के बाद स्थिति बदलनी शुरू हो गयी।सन १९२० में तिलक जी के स्वर्गवास के पश्चात अचानक परिस्थितियों ने अवसर दिया और गाँधी कोंग्रेस का बड़ा नेता बन गया।

गाँधी अगर चाहते तो वह तिलक के पूर्ण स्वराज्य की मांग को मजबूती प्रदान कर सकते थे।किन्तु गाँधी जी ने ऐसा नहीं किया। गाँधी जी ने स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए अपना पहला आन्दोलन शुरू किया,जो इतिहास में असहयोग आन्दोलन के नाम से प्रसिद्ध हुआ।

वास्तव में असहयोग आन्दोलन, खिलाफत आन्दोलन(खिलाफत क्या बाला थी ,इसे आगे जानेंगे) का एक हिस्सा था। स्यवं गाँधी के शब्दों में ,"मुसलमानों के लिए स्वराज का अर्थ है,जो होना चाहिए। खिलाफत की समस्या के लिए.......खिलाफत के सहयोग के लिए आवश्यक पड़ने पर मै स्वराज्य प्राप्ति को भी सहर्ष स्थगित कर देने को तैयार हूँ।"

अब सबसे प्रथम यह जानना आवश्यक है कि खिलाफत आन्दोलन क्या बला थी?

भारतीय इतिहास में खिलाफत आन्दोलन का वर्णन तो है किन्तु कही विस्तार से नहीं बताया गयाकि खिलाफत आन्दोलन वस्तुत:भारत की स्वाधीनता के लिए नहीं अपितु वह एक राष्ट्र विरोधी व हिन्दू विरोधी आन्दोलन था।

खिलाफत आन्दोलन दूर देश तुर्की के खलीफा को गद्दी से हटाने के विरोध में भारतीय मुसलमानों द्वारा चलाया गया आन्दोलन था। असहयोग आन्दोलन भी खिलाफत आन्दोलन की सफलता के लिए चलाया गया आन्दोलन था। आज भी अधिकांश भारतीयों को यही पता है कि असहयोगआन्दोलन स्वतंत्रता प्राप्ति को चलाया गया कोंग्रेस का प्रथम आन्दोलन था। किन्तु सत्य तो यही है कि इस आन्दोलन का कोई भी रास्ट्रीय लक्ष्य नहीं था।

प्रथम विश्व युद्ध में तुर्की की हार के पश्चात अंग्रेजों ने वहां के खलीफा को गद्दी से पदच्युत कर दियाथा। खिलाफत+असहयोग आंदोलनों का लक्ष्य तुर्की के सुलतान की गद्दी वापस दिलाने के लिए चलाया गया आन्दोलन था।

यहाँ एक हास्यप्रद बात और है कि तुर्की की जनता ने स्वं ही कमाल अता तुर्क के नेर्तत्व्य में तुर्की के खलीफा को देश निकला दे दिया था।

भारत में मोहम्मद अली जोहर व शोकत अली जोहर दो भाई खिलाफत का नेर्तत्व कर रहे थे। गाँधी ने खिलाफत के सहयोग के लिए ही असहयोग आन्दोलन की घोषणा कर डाली। जब कुछ राष्ट्रवादी कोंग्रेसियों ने इसका विरोध किया तो गाँधी ने यहाँ तक कह डाला,"जो खिलाफत का विरोधी है तो वह कोंग्रेस का भी शत्रु है। "
इतिहास साक्षी है कि जिस समय खिलाफत आन्दोलन फेल हो गया ,तो मुसलमानों ने इसका सारा गुस्सा हिदू जनता पर निकला,मुसलमान जहाँ कहीं भी संख्या में अधिक थे ,हिन्दू समाज पर हमला करने लगे. हजारों हिदू ओरतों से बलात्कार हुए,लाखों की संख्या में तलवार के बल पर मुसलमान बना दिए गए. सबसे भयंकर स्थिति केरल में मालाबार में हुए जो इतिहास में मोपला कांड के नाम से जानी जाती है.

मोपला कांड में ही अकेले २० हजार हिन्दुओं को काट डाला गया ,२० हजार से ज्यादा को मुस्लमान बना डाला. १० हजार से अधिक हिदू ओरतों के बलात्कार हुए . और यह सब हुआ गाँधी के असहयोग आन्दोलन के कारण.

इस प्रकार कहा जा सकता है कि १९२० तक तिलक की जिस कोंग्रेस का लक्ष्य स्वराज्य प्राप्ति था गाँधी ने अचानक उसे बदलकर एक दूर देश तुर्की के खलीफा के सहयोग और मुस्लिम आन्दोलन में बदल डाला, जिसे वहांके जनता ने भी लात मरकर देश निकला दे दिया ।
दूर देश में मुस्लिम राज्य की स्थापना के लिए स्वराज्य की मांग को कोंग्रेस द्वारा ठुकराना इस आन्दोलन को चलाना किस प्रकार राष्ट्रवादी था या कितना राष्ट्रविरोधी भारतीय इतिहास में इससत्य का लिखा जाना अत्यंत आवश्यक है अन्यथा भारतीय आजादी का दंभ भरने वाली कोंग्रेस लगातार भारत को इसे ही झूठ भरे इतिहास के साथ गहन अन्धकार की और रहेगी.

33 comments:

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    1. hhhhmmm...........almost ....not 100%

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    2. किसी को शक हो तो अम्बेडकर की पुस्तक भारत का विभाजन पढ़नी चाहिए।
      अम्बेडकर ने खिलाफत आंदोलन का विरोध किया था। क्यों किया यह उनकी पुस्तक में ही पढ़िए।
      PDF फॉर्मेट में सर्च कर लीजीए। मिल जाएगी।

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    3. This jinocide is 1oo percent true and the saddest

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  2. 100% nhi to phir kitni sachai hai

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  3. This is a RSS version far from the truth . Object was to destablise English Rule and to unite Hindus and Muslims . Time demanded it .

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    1. if time had demanded it...why mopala??
      n what was khilafat then?

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    2. There is no need of khilafat movement in India because there is no relation between Indian Muslim to turkey or Turkistan

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    3. There is no need of khilafat movement in India because there is no relation between Indian Muslim to turkey or Turkistan

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  4. Then what is the truth of mopala kaand of Kerala???

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  5. Gandhiji also want hindu-muslim unity. Why u not comment on it?
    Unity it is need of time.what u want to prove,your logic is 100% correct. I think you are influenced by only one side of coin.

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    1. Chodu tumhara baap us samay ka itihaskar tha

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  7. Gandhi ek dogla insaan tha .Mopla mai Hindus par huye atyacharon ke liye usne ulta hinduon ko hi kasoorwaar thahra diya bjaaye Muslims ki Alochna karne ke.

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  8. Gandhi ek dogla insaan tha .Mopla mai Hindus par huye atyacharon ke liye usne ulta hinduon ko hi kasoorwaar thahra diya bjaaye Muslims ki Alochna karne ke.

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  9. गांघी हमेशा सही नही था।

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  10. २० हज़ार हिंदुओं को काट डाला और २० ही हज़ार लोगों का धर्म परिवर्तन किया और ठीक उसके आधा १० हज़ार औरतों से रेप किया 🤔
    ब्लॉगर ज़रूर बनिया होगा
    संघियों द्वारा लिखा इतिहास भी वैसे है
    जैसे गाय का गोबर कोहिनूर हीरे से ज़्यादा क़ीमती है

    रहा सवाल इतिहास में टी एक बात साफ़ है की ये युद्ध अंग्रेज़ों और भारतियों द्वारा लड़ गया था और इस में मुस्लिम संप्रदाय ने ज़्यादा भूमिका निभाया था और ।
    नायर और दूसरे हिंदू ग्रूप अंग्रेज़ों के साथ थे
    इसी वजह से इस युद्ध में मूपला संगठन द्वारा उन लोगों को मारा गया जो अंग्रेज़ों के साथ थे

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    1. Han suar ke bachche tumhara baap turki ka khalifa tha na

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  11. वाह बेटे ये बता अंग्रेजों को भारत में व्यापार करने और उनको संरक्षण किसने दिया

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  12. यह तो अपना तर्क लगा रहा है

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  13. यह तो अपना तर्क लगा रहा है

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  14. BHHAD M JAO MADERCHODO MUSLIMS. TUMHARA SABSE BADA GUNAH H MUSLIM HONA AUR USSE BHI BADA GUNAH HINDUIO K DESH M MUSLIM HONA AB TUM LOG HI TAI KARO MUSLIM HONA H YA HINDU TUMNE PAKISTAN BNA LIYA BANGLADESH BNA LIYA 56 COUNTRIES BNA LI PR AB WAQT H PHIR S HINDUO K KHOYE HUE REGIONS KO HASIL KARNE KA SAUDI ARAB S LEKAR INDONASIA, MALASIA TAK HAMARA HI AREA HONA CHAIHYE SIRF HINDU KA. TUMHE KHATAM KARNE KA EK HI TARIKA H MAKKA AND MADINA KO NAST KARNA USKE BAAD TUM SAB EK HO KR LADO GE HUM TUMHE HAMESHA K LIYE MITA DEGE.

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  15. रामायण: क्रौंच-वध से शम्बूक-वध के आधुनिक प्रयासों तक

    http://www.lauhpurush.com/2018/04/26/ramayana-from-craunch-vadh-to-modern-efforts-of-shambuk-vadh/

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  16. गांधी की जिद,हिंदुओं के दमन और मुस्लिम तुष्टिकरण की मर्मस्पर्शी रचना,विनायक दामोदर सावरकर कृत-मोपला।।

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