Wednesday, March 20, 2013

हमारे पूर्वज मुस्लमान हमालावर थे

कनाडा में तारिक फतह और पाकिस्तान की रिहाना ने सरेआम टीवी पर, सभाओं में साफ-साफ कहा कि ..वे(मुस्लमान) हमालावर थे,

हमारे पूर्वजों ने भय में अपने आप को उनकी नापाक हाथों में सौंप दिया, उन्हें मानने से पहले हमें हक है कि हम इस रुट को जान-समझ लें, ..इस्लाम को जाना ही होगा क्योंकि इतिहास यही कहता आ रहा है..मैं मुसलमान थोड़े ही हूँ, मेरी आत्मा वेदों की तरफ से आती है और मेरे लहू में महान हिन्दू ऋषियों के वंश सूत्र हैं ..इस सत्य को कोई सीधे से माने कि न माने पर, सत्त्य तो यही है न..इस्लाम मूर्खों का कल्ट है। जन्म लेते ही इसमें बच्चों के कानों अल्लाहो अकबर कह कर उसका ब्रेनवाश चालू करा दिया जाता है। कुछ बड़े होने पर उनका खतना कर बाकि के गैरमुस्लिमों से उन्हें अलग बना दिया जाता है, ..

बाकि जिंदगी में वे कभी आजाद हो ही नहीं सकते। इकमात्र कुरान किसी भी मुसलमान को उसकी क्षमताओं के बावजूद शेष संसार में किस कदर पीछे छोड़ता है, ..आतंकवाद इसी हताशा का परिणाम है। कुरान और हदीशों के भय से हटकर एक भी मुसलमान दिखाऐं जो सरेआम बच्चों को नए जमाने की शिक्षा और कायदे सिखाता हो, सभी गैरमुस्लिमों से लड़ने की बात कह कर कुरान ने स्वंय इस्लाम के अंत की गारंटी कर दी है ..

इन्हीं सभी करणों से इस्लाम को जाना ही होगा.. (और भी बातें कही है इन लोगों ने और दूसरे लोगों ने. एक विडियो की लिंक पुनः दे रहा हूँ उसे भी देख लें। मुसलमानों को याद दिलाते रहना कि वे हिन्दू पूर्वजों की औलाद हैं और उन्हें वापस आना है, हिन्दू पुनर्जागरण का प्रथम मान्य सोपान है..)

http://youtu.be/R0rBiB1SAtE

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