Sunday, March 17, 2013

पाकिस्तान का असली इरादा


पाकिस्तान का असली इरादा !

इस बात में किसी को कोई शंका नहीं होना चाहिये कि पाकिस्तान का निर्माण इस्लाम के कारण हुआ था . और इस्लाम सभी गैर मुस्लिमों से नफ़रत करने की शिक्षा देता है .जिस तरह से हमें इस्लाम को ठीक से समझने के लिए ओसामा बिन लादेन के फतवे पढ़ने की जरुरत है ,उसी तरह पाकिस्तान की नीतियों और उसके इरादों को समझने के लिए पाकिस्तान के दूसरे बाप इकबाल की किताब " शिकवा " को पढ़ना जरुरी है . भले लोग भारत -पाक् विवाद का कारण कश्मीर , और सीमा पर से चलाये जाने वाले आतंकवाद को मानते हों , लेकिन मुहम्मद इकबाल ने पाकिस्तान बनने से काफी पहले ही पाकिस्तान के असली इरादों के बारे में स्पष्ट शब्दों में बता दिया था .और आज पाकिस्तान इकबाल के उन्ही इरादों को पूरा कर रहा है ,यहाँ इकबाल की किताब के कुछ अंश दिए जा रहे हैं ,

"चीनो अरब हमारा ,हिन्दोस्तां हमारा ,
मुस्लिम हैं हम वतन हैं , सारा जहाँ हमारा .
तेगों के साये में हम पल कर जवाँ हुए हैं ,
आसां नहीं है मिटाना नामो निशाँ हमारा .

इस से साफ पता चलता हैं ,कि मुसलमान भारत सहित सम्पूर्ण दुनिया पर राज करना चाहते हैं ,

आगे इकबाल कहता है कि मुसलमानों ने तलवार की जोर से इस्लाम फैलाया है
"बस रहे थे यहीं सलजूकी भी तूरानी भी ,अहले चीन ,चीन में इरान में ईरानी भी ,इसी मामूर में आबाद थे यूनानी भी ,इसी दुनिया में यहूदी भी थे ,नसरानी भी ,पर तेरे नाम से तलवार उठाई किसने ,बात बिगड़ी ,तो इतनी बिगाड़ी किसने इस से साफ पता चलता है कि इन्हीं मुसलमानों ने दुनिया को बर्बाद किया है

यही नहीं इकबाल स्वीकार करता है कि आतंक और भय के कारण लोगों ने इस्लाम कबूल किया है -

"किसकी हैबत से सनम सहमे हुए रहते हैं , मुंह के बल गिर के " हुवल्लाहु अहद " कहते हैं .
फिर इकबाल जिहाद का असली रूप भी बताता है ,
"खौफ तौहीद का हर दिल पे बिठाया हमने ,जेरे खंजर भी ये पैगाम सुनाया हमने .
दिश्त तो दिश्त दरिया भी न छोड़े हमने , बहरे जुल्मात में दौड़ा दिए घोड़े हमने .
इसी तरह जब इकबाल 1930 में मुस्लिम लीग का अध्यक्ष बना था , तो उसने इलाहबाद में जो कहा था , वह पाकिस्तान के उद्देश्य में शामिल है . इकबाल ने कहा -

" हम मुवाहिद हैं , हमारा कैस है , तरके रसूम , मिल्लतें जब मिट गयीं तो अजजाये इमां हो गयीं "

अर्थात हम हमारी नीति विश्व में समानता फ़ैलाने की है , लेकिन दुनिया की सभी सभ्यताएं मिट जाएगी तो दुनिया ईमान यानि इस्लाम का भाग बन जाएगी . यानि तभी विश्व में समानता हो सकेगी . यही कारण है कि इकबाल को पाकिस्तान राष्ट्रकवि माना जाता है

और जब भी कोई मुसलमान आपसी समानता की बात करता है , उसका तात्पर्य वही होता है ,जो इकबाल ने कहा है , लेकिन मुर्ख लोग इसे इस्लाम और मुसलमानों की उदारता समझ लेते हैं .

सरकार चाहे पूरा कश्मीर पाकितान के हवाले कर दे , मुस्लमान आतंक फैलाते रहेंगे , चाहे वह पाकिस्तानी हों या यहाँ के पाक समर्थक मुस्लमान .
यह एक अटल सत्य है ,कि हर मुसलमान जिहादी होता है .

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