Friday, January 11, 2013

अकबरुद्दीन ओवैसी के समर्थन अब करोडो भारतीय मुसलमान



आतंकवादी अकबरुद्दीन ओवैसी के समर्थन अब करोडो भारतीय मुसलमान खुल कर सामने आ गये है ! अपने भारत के लिये 5 सेकण्ड का समय देकर इसे शेयर करे मित्रों !
Indian Muslims rally in Support of terrorist Akbaruddin Owaisi.

http://aajtak.intoday.in/story/mim-supporters-attack-media-vans-in-adilabad-1-718198

http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2013-01-10/hyderabad/36257832_1_akbaruddin-owaisi-mim-supporters-mim-floor-leader

100 करोड हिंदुओ का हत्याकांड करने कि शपथ लेने के बाद मुसलमानों में उसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि हैदराबाद में मुसलमानों ने महारैली का आयोजन किया और मिडिया पर पथराव किया ! ओवैसी की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को आदिलाबाद और निजामाबाद के कुछ हिस्सों में बंद कर रखा ।

http://spaceviewtimes.com/index.php?option=com_content&view=article&id=12464%3Aowaisi-in-jail-for-14-days-bandh-today&catid=37%3Atop-stories
आतंकवादी अकबरुद्दीन ओवैसी के समर्थन अब करोडो भारतीय मुसलमान खुल कर सामने आ गये है ! अपने भारत के लिये 5 सेकण्ड का समय देकर इसे शेयर करे मित्रों !
Indian Muslims rally in Support of terrorist Akbaruddin Owaisi.

http://aajtak.intoday.in/story/mim-supporters-attack-media-vans-in-adilabad-1-718198

http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2013-01-10/hyderabad/36257832_1_akbaruddin-owaisi-mim-supporters-mim-floor-leader

100 करोड हिंदुओ का हत्याकांड करने कि शपथ लेने के बाद मुसलमानों में उसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि हैदराबाद में मुसलमानों ने महारैली का आयोजन किया और मिडिया पर पथराव किया ! ओवैसी की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को आदिलाबाद और निजामाबाद के कुछ हिस्सों में बंद कर रखा ।

http://spaceviewtimes.com/index.php?option=com_content&view=article&id=12464%3Aowaisi-in-jail-for-14-days-bandh-today&catid=37%3Atop-stories

मुसलमानों के द्वारा की गयी धोखेवाजी


मुसलमानों के द्वारा की गयी धोखेवाजी के
प्रमाण ..............................................................................
1-मुहम्मद गौरी ने 17 बार कुरआन की कसम खाई
थी कि भारत पर हमला नहीं करेगा, लेकिन हमला किया.....
2 -अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तोड़ के राणा रतनसिंह
को दोस्ती के बहाने बुलाया फिर क़त्ल कर दिया.....
3 -औरंगजेब ने शिवाजी को दोस्ती के बहाने
आगरा बुलाया फिर धोखे से कैद कर लिया ......
4 -औरंगजेब ने कुरआन की कसम खाकर श्री गोविन्द सिंह
को आनद पुर से सुरक्षित
जाने देने का वादा किया था. फिर हमला किया था.......
5 -अफजल खान ने दोस्ती के बहाने
शिवाजी की ह्त्या का प्रयत्न किया था .....
६-मित्रता की बातें कहकर पाकिस्तान ने कारगिल पर
हमला किया था .....
"अगर हम इतिहास से सबक नहीं लेकर
मुसलमानों की शांति और दोस्ती की बातों मे आते रहे
तो हमेशा नुकसान उठाते रहेंगे....
याद रखिये मुसलमान तकिया और कितमान पर ईमान रखते
है,यानी उनका कोई ईमान नहीं है ..

Thursday, January 10, 2013

हाईकोर्ट में ओवेशी



अकबरुद्दीन की तरफ से दो वरिष्ठ वकील डीवी सीताराम मूर्ति और रामचंद्र राव अदालत में पेश हुए.

इस पर जज ने कहा, "आपने राम को भी नहीं बख़्शा और आज दो-दो राम आप को बचाने आए हैं".
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#Owaisi ओवैसी केस में हाई कोर्ट की कुछ कड़ी टिपण्णीयां....




१)क्या अकबर ओवैसी भारत के सभी हिन्दुओं को मार सकते हैं???




२)तुम्हारी जान पुलिस ने बचाई है,क्या तुम चाहते हो की तुम्हारी पुलिस

सुरक्षा हटा दी जाए




३)हाई कोर्ट ओवैसी के खिलाफ दुसरे प्रदेशों में दर्ज हुए मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता.




४)क्या ओवैसी को ये लगता है की भारत की सभी मुस्लिम उनके जैसा सोचते हैं??




५)देश ने तुम्हे और तुम्हारे परिवार को इतना कुछ दिया है क्या इसका बदला तुम इस तरह से

चुकाना चाहते हो??




६)क्या तुम अपनी ताकत दिखाना चाहते हो अगर पुलिस को हटा दिया जाए तो??




७)तुम्हारी रक्षा कौन कर रहा है?? यही पुलिस




८)तुम हाई कोर्ट में क्यूँ आये हो जबकि तुम्हारे खिलाफ देश भर में मामले दर्ज हैं.




९)तुम्हारे ऊपर हमला होने के बाद यही पुलिस तुम्हारी सुरक्षा कर रही है




१०)तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई अपने भाषण इस देश को "अरे हिन्दुस्तान" कह कर संबोधित करने की,क्या यही सम्मान है तुम्हारे अन्दर देश के प्रति




११)जज ने कहा "तुमने राम को गाली दी लेकिन अपने बचाव के लिए जो वकील तुमने रखे हैं उनके नाम हैं श्री सीताराम मूर्ति और श्री रामचन्द्र राजू"




१२)ओवैसी तुमने अपने भाषण में कहा हम अपने साथ ताज महल,चारमिनार,और क़ुतुबमीनार भी ले जायेंगे और भारत के पास रह जाएगा टुटा फूटा राम मंदिर सिर्फ




१३)जब तुम पर हमला हुआ था और तुम अस्पताल में थे तब हर धर्म के लोगों ने तुम्हारी सेहत के लिए प्रार्थना की थी,और तुम सबको मार डालना चाहते हो. -

Tuesday, January 8, 2013

पाकिस्तान द्वारा दो भारतीय सैनिकों की निर्मम हत्या

पाकिस्तान द्वारा दो भारतीय सैनिकों की निर्मम हत्या की दुखद घटना पर पाकिस्तान को जवाब देने के लिए सेना के एक उच्च पदाधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री को किया गया फोन ......
यदि विभिन्न नेता प्रधानमन्त्री होते तो उनके सेना के उच्च पदाधिकारी के लिए क्या जवाब होता आइये जानते हैं :

सेना अधिकारी : सर, आज दुशमनों की तरफ से हमारे दो जवानों शहीद कर दिए गए हैं, आपका क्या आदेश है ?

मनमोहन सिंह : ................................... मेडम जी से पूछकर बताता हूँ l
राहुल गाँधी : पाकिस्तानियों से बड़े दुश्मन हिन्दू संघटन है पहले उनपर कार्यवाई करो l
चिदम्बरम : हर हमला रोक पाना संभव नहीं ऐसे हादसे तो होते रहते हैं l
मुलायम सिंह : कुछ भी हुआ हो पर किसी मुसलमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए l
मायावती : पहले ये बताओ की मरने वाले जवान दलित थे या मनुवादी ?
नितीश कुमार : फ़िलहाल अगले आदेश की प्रतीक्षा करें, हमारे किसी भी निर्णय से देश का सांप्रदायिक सद्भाव खतरे में पड़ सकता है l

नरेन्द्र मोदी : वो 2 सर ले गए हैं तो मुझे उनके 10 सर चाहिए l

सेना अधिकारी : पर सर, इसके लिए LOC को लांघना होगा, अन्तराष्ट्रीय बिरादरी नाराज़ होगी l

नरेन्द्र मोदी : अन्तराष्ट्रीय बिरादरी से मैं निपट लूँगा पर मुझे दुश्मनों के 10 सर चाहिए, इसके लिए आपको मैं पूरी छूट देता हूँ और इसके लिए आपको हर प्रकार की सहायता दी जाएगी l

पाकिस्तान द्वारा दो भारतीय सैनिकों की निर्मम हत्या

पाकिस्तान द्वारा दो भारतीय सैनिकों की निर्मम हत्या की दुखद घटना पर पाकिस्तान को जवाब देने के लिए सेना के एक उच्च पदाधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री को किया गया फोन ......
यदि विभिन्न नेता प्रधानमन्त्री होते तो उनके सेना के उच्च पदाधिकारी के लिए क्या जवाब होता आइये जानते हैं :

सेना अधिकारी : सर, आज दुशमनों की तरफ से हमारे दो जवानों शहीद कर दिए गए हैं, आपका क्या आदेश है ?

मनमोहन सिंह : ................................... मेडम जी से पूछकर बताता हूँ l
राहुल गाँधी : पाकिस्तानियों से बड़े दुश्मन हिन्दू संघटन है पहले उनपर कार्यवाई करो l
चिदम्बरम : हर हमला रोक पाना संभव नहीं ऐसे हादसे तो होते रहते हैं l
मुलायम सिंह : कुछ भी हुआ हो पर किसी मुसलमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए l
मायावती : पहले ये बताओ की मरने वाले जवान दलित थे या मनुवादी ?
नितीश कुमार : फ़िलहाल अगले आदेश की प्रतीक्षा करें, हमारे किसी भी निर्णय से देश का सांप्रदायिक सद्भाव खतरे में पड़ सकता है l

नरेन्द्र मोदी : वो 2 सर ले गए हैं तो मुझे उनके 10 सर चाहिए l

सेना अधिकारी : पर सर, इसके लिए LOC को लांघना होगा, अन्तराष्ट्रीय बिरादरी नाराज़ होगी l

नरेन्द्र मोदी : अन्तराष्ट्रीय बिरादरी से मैं निपट लूँगा पर मुझे दुश्मनों के 10 सर चाहिए, इसके लिए आपको मैं पूरी छूट देता हूँ और इसके लिए आपको हर प्रकार की सहायता दी जाएगी l

Sunday, January 6, 2013

दामिनी रेप में मुस्लिम बचाव

भारतीय संस्कृति की हत्या ----------झूठा धर्म निरपेक्ष

भारतीय संस्कृति की हत्या ----------झूठा धर्म निरपेक्ष




भारतीय संस्कृति की हत्या ----------झूठा धर्म निरपेक्ष
आज मीडिया और सेक्युलर लोगो की वजह से ही भारत में रेप जैसी जघन्य अपराध बढ़ रहे हैं इन लोगो को कोई नैतिक हक़ नहीं हैं की समाज में बढ़ रहे विकार पर घडियाली आसु बहाए आज लोगो को यह जानने नहीं दिया जाता हैं की पाप क्या हैं पुण्य क्या हैं हो सकता हैं यह ना भी हो लेकिन इसके डर की वजह से हमारे समाज में विकार नहीं आते थे

डॉ मुरली मनोहर जोशी ने शिक्षा नीति को बदलने का प्रयास किया था मगर ये मक्कार झूठे धर्म निरपेक्ष नेता और मीडिया भगवाकरण के नाम पर हल्ला करने लगे और यह कार्य नहीं होने दिया

दुनिया का कोई कडा से कडा कानून बना दिया जाए तो भी रेप को नहीं रोका जा सकता हैं क्योंकि जब जड़ में कीड़े लगे हो तो दवा का छिडकाव पत्तो पर करने से क्या फायदा होगा

अगर अब भी हमारे ऋषि मुनियों की बनायी परम्परा को दिन प्रतिदिन तोड़ने से बाज नहीं आओगे भगवाकरण के नाम पर इसे दिन प्रतिदिन नष्ट करोंगे तो गैंगरेप क्या इससे भी भयंकर विकार समाज में पैदा होंगे और इस समाज को और अधिक दूषित होने से कोई रोक नहीं सकता हैं

भारत सरकार और मीडिया चाहती हैं रेप फलता फूलता रहे
1. डर्टी पिक्चर को राष्ट्रीय पुरस्कार ..........धर्म निरपेक्ष
2. सनी लीओन विश्व वैश्या को भारतीय अतिथि का सम्मान ........धर्म निरपेक्ष
3.पिक्चर में सामूहिक रेप का खुला छुट देना .........धर्म निरपेक्ष
4.राधा जी जो हिन्दू की आस्था के प्रतिक हैं गाने के माध्यम से बेज्जत करना ............व्यक्ति की स्वन्तन्त्रा
5.TEEN AGER'S बच्चों को चिप वाला मोबाइल BF देखने के लिए देना .....माडर्न बनाना
6.मनु सिघवी नारायण दत्त तिवारी गोपाल कांडा को प्रोत्साहन देना .........कांग्रेस की संस्कृत
7. अशलील कपडे पहनना ........व्यक्ति की स्वतंत्रा

नोट --अगर मीडिया और भारत सरकार भगवाकरण के नाम पर शिक्षा नीति नहीं बदलना चाहती तो वैश्या वृति को अपराध नहीं बल्कि रोजगार का दर्जा दे दें इससे रेप ख़त्म तो नहीं होगा बल्कि विराम लग सकता हैं

By: आई.एल.द्विवेदी कुंवर जी

Friday, January 4, 2013

रेप जिहाद


गैंगरेप का सूत्रधार नाबालिग मुहम्मद अफरोज उर्फ़ राजू ने छात्रा और उसके मित्र अपनी बस में कहते हुए चढ़ाया कि बस द्वारका जा रही है और वह उसे वहां छोड़ देंगे
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पुलिस की जांच में यह बात पहले ही सामने आ चुकी है कि इस नाबालिग मुहम्मद अफरोज उर्फ़ राजू ने मेडिकल की छात्रा के साथ दो बार रेप किया था। एक बार तब जब वह होश में थी और सभी आरोपियों की गिरफ्त में थी। इसके बाद एक बार तब उसने रेप किया जब युवती बुरी तरह से पिटाई के बाद बेहोश हो गई थी। यह आरोपी उस वक्त भी पीछे नहीं हटा जब युवती के शरीर को रॉड से खोखला कर दिया गया। उसकी इस दरिंदगी की जानकारी खुद युवती के पुरुष मित्र ने पुलिस को दी है।

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नाबालिग कहलाने वाले इसी मुहम्मद अफरोज उर्फ़ राजू दरिंदे ने युवती और उसके पुरुष मित्र को चलती बस से नग्न अवस्था में बाहर फेंकने की सलाह भी दी थी। अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती युवती के पुरुष मित्र ने उसकी हैवानियत की जानकारी देते हुए कहा था कि लड़की के साथ नंगा नाच करने के बाद इस लड़के ने ही कहा था कि लड़की मर गई है बाहर फेंक दो।

--------------------------------------------------------------
इस लड़के की दरिंदगी को नाबालिग कहकर कम नहीं किया जा सकता है। ऐसी ही आवाज पूरे भारत में उठ रही है। भारत में अलग अलग जगहों पर हो रहे प्रदर्शनों के जरिए सभी लोग यह मांग कर रहे हैं कि इस छठे नाबालिग आरोपी पर भी हत्या का मुकदमा चले और सभी के साथ इसको भी फांसी की सजा दी जाए।

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ये 'रेप जिहाद' है ... इस हैवानियत की दोषी तीस्ता सेतलवाड भी है [जिसने गुजरात दंगों को बढ़ा चढ़ा कर मुस्लिमों को हिन्दुओं से नफरत करने की घुट्टी पिला दी ]

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इस कमीने दरिन्दे 'मुहम्मद अफरोज' का 'नार्को टेस्ट' करो ....
इसके दिमाग में ये सब आया कैसे और दूरों को उकसाया कैसे ...
खुद कुर्बान होना और चार -पञ्च हिन्दुओ को भी कुर्बान करना [ओवैसी का भाई है ये भडवा ]
--------------------------------------------------------------
यह लड़का मुस्लिम समुदाय का है अतः यह माँग भी उठ सकती है कि इसे शरीयत के अनुसार सजा दी जाए| इसमें उसे कुछ भी सजा नहीं मिलेगी क्योंकि लड़की गैर मुस्लिम थी| मुस्लिम देशों में कोई मुस्लिम युवक किसी गैर मुस्लिम लड़की के साथ बलात्कार कर देता है तो यह कोई अपराध नहीं बल्कि जायज है| फिर चार सच्चे मुसलमानों की गवाही चाहिए वह कहा से लायेंगे? गैर मुस्लिम की गवाही अमान्य है| जब शादी विवाह शरीयत के अनुसार हो सकते हैं तो बाकी के काम क्यों नहीं? इस देश में पूर्ण रूप से दो तरह के नागरिक कानून होने चाहिएं --- एक मुसलमानों के लिये और दुसरे अन्य सब के लिये| जो भी पार्टी इसे लागू करेगी वह जीतेगी क्योंकि सारे मुस्लिम उसे वोट देंगे| भारत में वो ही राज करेगा जिसे मुस्लिम चाहेंगे| हिंदुओं के वोटों की कोई कीमत नहीं है क्योंकि वे जाति के आधार पर गिरते हैं| आसार तो यही हैं कि आज से पचास साथ साल के बाद यह देश इस्लामिक गणराज्य हो जाएगा| हिंदू लोग धर्मनिरपेक्षता की माला फेरते रहेंगे| उनका वही हाल होगा जो पाकिस्तान के हिंदुओं के साथ हो रहा है| यह एक वास्तविकता है जिससे मुँह नहीं फेरा जा सकता|
गैंगरेप का सूत्रधार नाबालिग मुहम्मद अफरोज उर्फ़ राजू ने छात्रा और उसके मित्र अपनी बस में कहते हुए चढ़ाया कि बस द्वारका जा रही है और वह उसे वहां छोड़ देंगे
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पुलिस की जांच में यह बात पहले ही सामने आ चुकी है कि इस नाबालिग मुहम्मद अफरोज उर्फ़ राजू ने मेडिकल की छात्रा के साथ दो बार रेप किया था। एक बार तब जब वह होश में थी और सभी आरोपियों की गिरफ्त में थी। इसके बाद एक बार तब उसने रेप किया जब युवती बुरी तरह से पिटाई के बाद बेहोश हो गई थी। यह आरोपी उस वक्त भी पीछे नहीं हटा जब युवती के शरीर को रॉड से खोखला कर दिया गया। उसकी इस दरिंदगी की जानकारी खुद युवती के पुरुष मित्र ने पुलिस को दी है।

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 नाबालिग कहलाने वाले इसी मुहम्मद अफरोज उर्फ़ राजू दरिंदे ने युवती और उसके पुरुष मित्र को चलती बस से नग्न अवस्था में बाहर फेंकने की सलाह भी दी थी। अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती युवती के पुरुष मित्र ने उसकी हैवानियत की जानकारी देते हुए कहा था कि लड़की के साथ नंगा नाच करने के बाद इस लड़के ने ही कहा था कि लड़की मर गई है बाहर फेंक दो।

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 इस लड़के की दरिंदगी को नाबालिग कहकर कम नहीं किया जा सकता है। ऐसी ही आवाज पूरे भारत में उठ रही है। भारत में अलग अलग जगहों पर हो रहे प्रदर्शनों के जरिए सभी लोग यह मांग कर रहे हैं कि इस छठे नाबालिग आरोपी पर भी हत्या का मुकदमा चले और सभी के साथ इसको भी फांसी की सजा दी जाए।

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 ये 'रेप जिहाद' है ... इस हैवानियत की दोषी तीस्ता सेतलवाड भी है [जिसने गुजरात दंगों को बढ़ा चढ़ा कर मुस्लिमों को हिन्दुओं से नफरत करने की घुट्टी पिला दी ] 

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इस कमीने दरिन्दे 'मुहम्मद अफरोज' का 'नार्को टेस्ट' करो .... 
इसके दिमाग में ये सब आया कैसे और दूरों को उकसाया कैसे ...
खुद कुर्बान होना और चार -पञ्च हिन्दुओ को भी कुर्बान करना [ओवैसी का भाई है ये भडवा ]
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यह लड़का मुस्लिम समुदाय का है अतः यह माँग भी उठ सकती है कि इसे शरीयत के अनुसार सजा दी जाए| इसमें उसे कुछ भी सजा नहीं मिलेगी क्योंकि लड़की गैर मुस्लिम थी| मुस्लिम देशों में कोई मुस्लिम युवक किसी गैर मुस्लिम लड़की के साथ बलात्कार कर देता है तो यह कोई अपराध नहीं बल्कि जायज है| फिर चार सच्चे मुसलमानों की गवाही चाहिए वह कहा से लायेंगे? गैर मुस्लिम की गवाही अमान्य है| जब शादी विवाह शरीयत के अनुसार हो सकते हैं तो बाकी के काम क्यों नहीं? इस देश में पूर्ण रूप से दो तरह के नागरिक कानून होने चाहिएं --- एक मुसलमानों के लिये और दुसरे अन्य सब के लिये| जो भी पार्टी इसे लागू करेगी वह जीतेगी क्योंकि सारे मुस्लिम उसे वोट देंगे| भारत में वो ही राज करेगा जिसे मुस्लिम चाहेंगे| हिंदुओं के वोटों की कोई कीमत नहीं है क्योंकि वे जाति के आधार पर गिरते हैं| आसार तो यही हैं कि आज से पचास साथ साल के बाद यह देश इस्लामिक गणराज्य हो जाएगा| हिंदू लोग धर्मनिरपेक्षता की माला फेरते रहेंगे| उनका वही हाल होगा जो पाकिस्तान के हिंदुओं के साथ हो रहा है| यह एक वास्तविकता है जिससे मुँह नहीं फेरा जा सकता|

Thursday, January 3, 2013

विकसित देश इस्लाम के साथ कितनी सख्ती से निपट रहे है



मित्रों भारत तो मुस्लिम आबादी के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा देश बन चूका है और वोट बैंक के लिये कांग्रेस अफजल जैसे आतंकवादियों कों भारत का राष्ट्रीय मेहमान बना चुकी है। लेकिन आज इस्लामी आतंकवाद का हि दूसरा रूप बन चूका है और अमेरिका, फ्रांस, कनाडा, ब्रिटन, जापान, चीन, इस्राईल, स्पेन जैसे विकसित देश इस्लाम के साथ कितनी सख्ती से निपट रहे है इस पर एक नजर डालते है ।

1) फ्रांस : 'मुस्लिम मौलानाओं के देश में आने पर रोक'
http://www.thepunjabkesari.com/international/news/31757
http://www.foxnews.com/world/2012/03/29/france-bars-muslim-clerics-from-entering-france/

2) बुर्का, हिजाब और नकाब पहनने पर फ्रांस , कॅनडा में पाबंदी
http://www.guardian.co.uk/world/2011/sep/19/battle-for-the-burqa
http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/europe/france/8444177/BurkaFranceNational-FrontMarine-Le-PenMuslimFadela-AmaraAndre-Gerinhijab.html
http://www.dailymail.co.uk/news/article-2073367/Canada-bans-burqa-citizenship-swearing-in.html

3) चीन में बच्चे, सरकारी अधिकारी कों मस्जिद प्रवेश पे पाबंदी
http://www.rfa.org/english/news/uyghur_religion-20060206.html

4) जापान में मुस्लिम आबादी और मस्जिदों की संख्या नगण्य
http://en.wikipedia.org/wiki/Islam_in_Japan

5) आतंकवाद के केन्द्र पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक और लीबिया पर अमेरिका, ब्रिटन और इस्राइल के हवाई हमले
http://www.bbc.co.uk/news/world-asia-18320431

6) मुस्लिमो कों अमेरिका का वीजा मिलना हुआ बहुत मुश्किल
http://www.ndtv.com/article/world/us-suspends-visa-operations-from-pakistan-103024
http://seyedibrahim.wordpress.com/2010/09/04/u-s-to-muslim-professionals-no-visas-for-you/
http://www.hindu.com/2010/09/04/stories/2010090464131500.htm

7) कुरान पर प्रतिबन्ध लगाने की तैयारी में स्पेन समेत कई देश
http://www.faithfreedom.org/features/news/prohibition-of-quran-petition-admitted/
http://peacetimes.net/2010/07/netherlands-attempts-to-ban-quran/

8) फ्रांस में नमाज पे पाबंदी
http://www.reuters.com/article/2011/09/16/us-france-muslims-idUSTRE78F4CC20110916
http://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/europe/france/8766169/Praying-in-Paris-streets-outlawed.html

9) चीन ने रमजान के रोजा इफ्तार पर प्रतिबन्ध लगा दिया हैं
http://english.alarabiya.net/articles/2012/08/04/230285.html
http://jaagoindialive.com/wp/?p=5135

Bharat Uday जयहिंद !! Share please.



अॅप्पल कंपनी के पूर्व चेयरमन और CEO स्वर्गीय स्टीव जॉब्स ने इस्लाम

अॅप्पल कंपनी के पूर्व चेयरमन और CEO स्वर्गीय स्टीव जॉब्स ने इस्लाम और मुसलमानों कों लेकर बहुत बड़ी चिंता जताई थी ! उम्मीद करते है हमारे मुसलमान भाई-बहन उससे कुछ सीख लेंगे !

यू पी में तुष्टिकरण की राजनीती



आज हमारे छोटे से शहर में समाज वादी पार्टी की रैली थी, उसमे बोल रहे उनके प्रदेश युवजन अध्यक्ष बैजनाथ कुशवाह ने सभा मैं आई मुसल्मानो की भीड़ को देखकर जमकर उनको हिन्दूओं के खिलाफ भड़काया और खुलकर मुसलमानों का मजाक भी बनाया मियों को आज़ादी के पहले का वक़्त याद दिलाते हुए बैजनाथ ने कहा की आप मुसलमान ही इस देश के असली मालिक हैं आपकी गुजरी हुयी पीडीयों ने इस देश पर एक हज़ार साल तक शासन किया है आज़ादी के पहले सारे बड़े अफसर सिर्फ मुसलमान होते थे और अब सिर्फ आधा प्रतिशत बचे हो,किसने जबरदस्ती आपसे सबकुछ छुडा लिया है' अब आप सिर्फ शरीफ भाई अंडे वाले' 'फैजान मेकेनिक' और 'रिजवान जूते वाले' बनकर रह गए हो ''आप लोग सिर्फ भीड़ हो'' आपकी कोई ''औकात'' नहीं है इस देश मैं, आप ''पूँछ हो जो सिर्फ लटकती रहती जिसकी आपनी कोई मर्ज़ी नहीं होती आप ''चमचे'' हो आदि बहुत कुछ,. मुसलमानों आगे आकर आपने ''हक' मांगो ''

ऐसी साम्प्रदायिक बाते खुले आम करने वाली पार्टी का मुखिया पिछले कई सालों से इस देश को यह कहकर बेबकूफ बना रहा है की हम ''सांप्रदायिक ताक़तों को देश की सत्ता मैं कभी नहीं आने देना चाहते इसलिए कांग्रेस का सहयोग करते हैं''''

'''हद होती है देश की जनता को नासमझ समझने और लगातार बेबकूफ बनाते रहने की''''

कश्मीर के पंडितो का दर्द




मित्रो, आपको हम एक ऐसी दर्दनाक सच्चाई बताने जा रहे है। जो देश के 99% से ज्यादा लोगो को पता नहीं है। आप सभी ने सुना होगा कश्मीरी पंडितो के बारे में। हम सभी ने सुना है की हा कुछ तो हुआ था कश्मीरी पंडितो के साथ। लेकिन क्या हुआ था क्यों हुआ था ......यह ठीक से पता नहीं है। हम आपको वह बात विस्तार में बताने जा रहे है की क्या हुआ था कश्मीर में और क्या हुआ था कश्मीरी पंडितो के साथ।

पार्ट 1: कश्मीर का खुनी इतिहास
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कश्मीर का नाम कश्यप ऋषि के नाम पर पड़ा था। कश्मीर के मूल निवासी सारे हिन्दू थे। कश्मीरी पंडितो की संस्कृति 5000 साल पुरानी है और वो कश्मीर के मूल निवासी हैं। इसलिए अगर कोई कहता है की भारत ने कश्मीर पर कब्ज़ा कर लिया है यह बिलकुल गलत है। 14वीं शताब्दी में तुर्किस्तान से आये एक क्रूर आतंकी मुस्लिम दुलुचा ने 60,000 लोगो की सेना के साथ कश्मीर में आक्रमण किया और कश्मीर में मुस्लिम साम्राज्य की स्थापना की। दुलुचा ने नगरों और गाँव को नष्ट कर दिया और हजारों हिन्दुओ का नरसंघार किया। बहुत सारे हिन्दुओ को जबरदस्ती मुस्लिम बनाया गया। बहुत सारे हिन्दुओ ने जो इस्लाम नहीं कबूल करना चाहते थे, उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली और बाकि भाग गए या क़त्ल कर दिए गए या इस्लाम कबूल करवा लिए गए। आज जो भी कश्मीरी मुस्लिम है उन सभी के पूर्वजो को इन अत्याचारों के कारण जबरदस्ती मुस्लिम बनाया गया था।

भारत पर मुस्लिम आक्रमण अतिक्रमण - विश्व इतिहास का सबसे ज्यादा खुनी कहानी:
http://www.youtube.com/watch?v=TMY2YV9WucY

भारत के खुनी विभाजन के बारे में जानने के लिए यह विडियो देखे:
http://www.youtube.com/watch?v=jGiTaQ60Je0

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक को देखे:
http://kasmiripandits.blogspot.com/2012/04/tragic-history-of-kasmir.html
http://en.wikipedia.org/wiki/Kashmir#Muslim_rule

पार्ट 2: 1947 के समय कश्मीर
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1947 में ब्रिटिश संसद के "इंडियन इंडीपेनडेंस इ एक्ट" के अनुसार ब्रिटेन ने तय किया की मुस्लिम बहुल क्षेत्रों को पाकिस्तान बनाया जायेगा। 150 राजाओं ने पाकिस्तान चुना और बाकी 450 राजाओ ने भारत। केवल एक जम्मू और कश्मीर के राजा बच गए थे जो फैसला नहीं कर पा रहे थे। लेकिन जब पाकिस्तान ने फौज भेजकर कश्मीर पर आक्रमण किया तो कश्मीर के राजा ने भी हिंदुस्तान में कश्मीर के विलय के लिए दस्तख़त कर दिए। ब्रिटिशो ने यह कहा था की राजा अगर एक बार दस्तखत कर दिया तो वो बदल नहीं सकता और जनता की आम राय पूछने की जरुरत नहीं है। तो जिन कानूनों के आधार पर भारत और पाकिस्तान बने थे उन नियमो के अनुसार कश्मीर पूरी तरह से भारत का अंग बन गया था। इसलिए कोई भी कहता है की कश्मीर पर भारत ने जबरदस्ती कब्ज़ा कर रहे है वो बिलकुल झूठ है।

अधिक जानकारी के लिए यह विडियो आप देख सकते है:
http://www.youtube.com/watch?v=gxhVDKRFh28

पार्ट 3: सितम्बर 14, 1989
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बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य और जाने माने वकील कश्मीरी पंडित तिलक लाल तप्लू का JKLF ने क़त्ल कर दिया। उसके बाद जस्टिस नील कान्त गंजू को गोली मार दिया गया। सारे कश्मीरी नेताओ की हत्या एक एक करके कर दी गयी। उसके बाद 300 से ज्यादा हिन्दू महिलाओ और पुरुषो की निर्संश हत्या की गयी। कश्मीरी पंडित नर्स जो श्रीनगर के सौर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में काम करती थी, का सामूहिक बलात्कार किया गया और मार मार कर उसकी हत्या कर दी गयी। यह खुनी खेल चलता रहा और अपने सेकुलर राज्य और केंद्र सरकार, मीडिया ने कुछ भी नहीं किया।

पार्ट ४: जनवरी 4, 1990
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आफताब, एक स्थानीय उर्दू अखबार ने हिज्ब -उल -मुजाहिदीन की तरफ से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की, सभी हिन्दू अपना सामन पैक करें और कश्मीर छोड़ कर चले जाएँ। एक अन्य स्थानीय समाचार पत्र, अल सफा ने इस निष्कासन आदेश को दोहराया। मस्जिदों में भारत और हिन्दू विरोधी भाषण दिए जाने लगे। सभी कश्मीरी हिन्दू/मुस्लिमो को कहा गया की इस्लामिक ड्रेस कोड अपनाये। सिनेमा और विडियो पार्लर वगैरह बंद कर दिए गए। लोगो को मजबूर किया गया की वो अपनी घड़ी पाकिस्तान के समय के अनुसार करे लें।

अधिक जानकारी के लिए यह लिंक और ब्लॉग आप देख सकते है:
http://kasmiripandits.blogspot.com/2012/04/when-kashmiri-pandits-fled-islamic.html
http://www.rediff.com/news/2005/jan/19kanch.htm - [19/01/90: When Kashmiri Pandits fled Islamic terror]

पार्ट 5: जनवरी 19, 1990
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सारे कश्मीरी पंडितो के घर के दरवाजो पर नोट लगा दिया जिसमे लिखा था "या तो मुस्लिम बन जाओ या कश्मीर छोड़ कर भाग जाओ या फिर मरने के लिए तैयार हो जाओ"। पाकिस्तान की तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो ने टीवी पर कश्मीरी मुस्लिमो को भारत से आजादी के लिए भड़काना शुरू कर दिया। सारे कश्मीर के मस्जिदों में एक टेप चलाया गया। जिसमे मुस्लिमो को कहा गया की वो हिन्दुओ को कश्मीर से निकाल बाहर करें। उसके बाद सारे कश्मीरी मुस्लिम सडको पर उतर आये। उन्होंने कश्मीरी पंडितो के घरो को जला दिया, कश्मीर पंडित महिलाओ का बलात्कार करके, फिर उनकी हत्या करके उनके नग्न शरीर को पेड़ पर लटका दिया गया। कुछ महिलाओ को जिन्दा जला दिया गया और बाकियों को लोहे के गरम सलाखों से मार दिया गया। बच्चो को स्टील के तार से गला घोटकर मार दिया गया। कश्मीरी महिलाये ऊंचे मकानों की छतो से कूद कूद कर जान देने लगी। कश्मीरी मुस्लिम, कश्मीरी हिन्दुओ के हत्या करते चले गए और नारा लगते चले गए की उन पर अत्याचार हुआ है और उनको भारत से आजादी चाहिए।

पार्ट 6: कश्मीरी पंडितो का पलायन
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3,50,000 कश्मीरी पंडित अपनी जान बचा कर कश्मीर से भाग गए। कश्मीरी पंडित जो कश्मीर के मूल निवासी है उन्हें कश्मीर छोड़ना पड़ा और तब कश्मीरी मुस्लिम कहते है की उन्हें आजादी चाहिए। यह सब कुछ चलता रहा लेकिन सेकुलर मीडिया चुप रही उन्होंने देश के लोगो तक यह बात कभी नहीं पहुचाई इसलिए देश के लोगो को आज तक नहीं पता चल पाया की क्या हुआ था कश्मीर में। देश- विदेश के लेखक चुप रहे, भारत का संसद चुप रहा, देश के सारे हिन्दू, मुस्लिम, सेकुलर चुप रहे। किसी ने भी 3,50,000 कश्मीरी पंडितो के बारे में कुछ नहीं कहा। आज भी अपने देश के मीडिया 2002 के दंगो के रिपोर्टिंग में व्यस्त है। वो कहते है की गुजरात में मुस्लिम विरोधी दंगे हुए थे लेकिन यह कभी नहीं बताते की 750 मुस्लिमों के साथ साथ 250 हिन्दू भी मरे थे और यह भी कभी नहीं बताते की दंगो की शुरुआत मुस्लिमो ने की थी, जब उन्होंने 59 हिन्दुओं को ट्रेन में गोधरा में जिन्दा जला दिया था। हिन्दुओं पर अत्याचार के बात की रिपोर्टिंग से कहते है की अशांति फैलेगी, लेकिन मुस्लिमो पर हुए अत्याचार की रिपोर्टिंग से अशांति नहीं फैलती। इसे कहते है सेकुलर (धर्मनिरपेक्ष) पत्रकारिता।
http://kashmiris-in-exile.blogspot.com/2009/01/19-years-to-19th-day-of-1990-exodus-of.html

पार्ट 7: कश्मीरी पंडितो के आज की स्थिति
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आज 4.5 लाख कश्मीरी पंडित अपने देश में ही रेफूजी की तरह रह रहे है। पूरे देश या विदेश में कोई भी नहीं है उनको देखने वाला। कोई भी मीडिया नहीं है जो उनके बारे में हुए अत्याचार को बताये। कोई भी सरकार या पार्टी या संस्था नहीं है जो की विस्थापित कश्मीरियों को उनके पूर्वजों के भूमि में वापस ले जाने को तैयार है। कोई भी नहीं इस इस दुनिया में जो कश्मीरी पंडितो के लिए "न्याय" की मांग करे। कश्मीरी पंडित काफी पढ़े लिखे लोगो के तरह जाने जाते थे, आज वो भिखारियों के तरह पिछले 22 सालो से टेंट में रह रहे है। उन्हें मुलभुत सुविधाए भी नहीं मिल पा रही है, पीने के लिए पानी तक की समस्या है। भारतीय और विश्व की मीडिया, मानवाधिकार संस्थाए गुजरात दंगो में मरे 750 मुस्लिमो (310 मारे गए हिन्दुओ को भूलकर) की बात करते है। लेकिन यहाँ तो कश्मीरी पंडितो की बात करने वाला कोई नहीं है क्योकि वो हिन्दू है। 20,000 कश्मीरी हिन्दू बस धुप की गर्मी के कारण मर गए क्योकि वो कश्मीर के ठन्डे मौसम में रहने के आदि थे।

अधिक जानकारी के लिए यह विडियो आप देख सकते है:

http://www.youtube.com/watch?v=kqSqn0id-IE[Shocking, Tragic and Horrible story of Kashmiri Pandits]

पार्ट 8: कश्मीरी पंडितो और भारतीय सेना के खिलाफ भारतीय मीडिया का षड्यंत्र
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आज देश के लोगो को कश्मीरी पंडितो के मानवाधिकारों के बारे में भारतीय मीडिया नहीं बताती है लेकिन आंतकवादियों के मानवाधिकारों के बारे में जरुर बताती है। आज सभी को यह बताया जा रहा था है की ASFA नाम का किसी कानून का भारतीय सेना काफी ज्यादा दुरूपयोग किया है। कश्मीर में अलगावादी संगठन मासूम लोगो की हत्या करवाते है और भारतीय सेना के जवान जब उन आतंकियों के खिलाफ कोई करवाई करते है तो यह अलगावादी नेता अपने बिकी हुए मीडिया के सहायता से चीखना चिल्लाना शुरू कर देते है की देखो हमारे ऊपर कितना अत्याचार हो रहा है।

मित्रों, बात यहाँ तक नहीं रुकी है। अश्विन कुमार जैसे कुछ डाइरेक्टर इंशाल्लाह कश्मीर नामक पिक्चर बना रहे है और यह पुरे विश्व की लोगो को यह दिखा रहे है की कश्मीर के भोले भाले मुस्लिम युवाओ पर भारतीय सेना के जवानों ने अत्याचार किया है। अश्विन कुमार अपने वृत्तचित्र पूरे विश्व के पटल पर रख रहे है। हर तरह से देश और विदेश में लोगो को दिखा रहे है की गलती भारतीय सेना की है..लेकिन जो सच्चाई है वो बिलकुल यह छिपा दे रहे है।

इस विडियो में देखे की किस प्रकार भारतीय सेना के खिलाफ सद्यन्त्र किया जा रहा है:
http://www.youtube.com/watch?v=LofOulSw07k - [Anti Hindu and Anti Indian Military - Indian Secular Media Exposed!]

पार्ट 9: निष्कर्ष
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सारे मुस्लिम कहते है मोदी को फांसी दो जबकि मोदी ने गुजरात की दंगो को समय रहते रोक दिया। लेकिन आज तक एक भी मुस्लिम को यह कहते नहीं सुना गया की कांग्रेस के नेताओं, गाँधी परिवार और अब्दुल्लाह परिवार को फांसी दो। जो लाखो कश्मीरी पंडितो के कत्लेआम देखते रहे।
मित्रों, इस कहानी को अगर आप पढ़ चुके है तो अपने बाकी मित्रो के साथ शेयर करे ताकि उन्हें भी सत्य का ज्ञान हो। जो कश्मीर में हुआ था, आज वो मुस्लिम बहुल केरल, पश्चिम बंगाल, हैदराबाद, यूपी के कुछ भागो में हो रहा है। हिन्दुओ पर आज अत्याचार देश के काफी जगहों में हो रहा है। लेकिन सेकुलर मीडिया कुछ बताती नहीं इसलिए आपको और हमें कुछ पता नहीं चल पता है और इसलिए हमारा या आपका कोई दोष भी नहीं है। अगर हमें कुछ पता ही नहीं चलेगा तो हम करेंगे क्या?
आज जितने भी प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया है ज्यादातर को अरब से तेल का पैसा मिलता है। यह सेकुलर मीडिया हिन्दुओं के विनाश के बाद ही रुकेगी क्योकि हिन्दू संस्था, पार्टी कभी मीडिया पर ध्यान ही नहीं देती। आज की सेकुलर मीडिया आधी जिहादियो और आधी कांग्रेस्सियो के नियत्रण में है। हिन्दुओ के साथ हो रहे अत्याचार को बताने के लिए एक भी टीवी या प्रिंट मीडिया नहीं है।

मित्रों, हम नहीं चाहते एक और कश्मीर बने। हम नहीं चाहते की हमारे बच्चे 10 सालों के बाद केरलाइ हिन्दू, बंगाली हिन्दुओ के बारे में कहानिया सुने जैसा हम आज कश्मीरी हिन्दुओ के बारे में सुनते हैं।

http://kasmiripandits.blogspot.com/2012/03/kasmiri-pandit-untold-story.html

॥ वन्दे मातरम् ॥
जय हिन्द, जय भारत !
 —

Wednesday, January 2, 2013

सेकुलर मीडिया


जब सुषमा स्वराज ने "ये देश है वीर जवानो का" गाने पर डांस किया तब नीच मीडिया और नीच कांग्रेसी कई कई दिनों पर अपनी छाती कूट रहे थे की सुषमा ने ठुमके क्यों लगाये ...

अब ये पोपली बुढिया दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीछित उर्फ़ चाची 420 हनी सिंह के साथ स्टेज पर "मै हूँ बलात्कारी आजा चीर दू तेरी पटियाला सलवार" जैसे अश्लीलतम गाने पर डांस कर रही है तो इस पर दोगले मीडिया वाले खामोश क्यों है ?

क्या भारत में नीच और हरामखोर मीडियावालो को सिर्फ बीजेपी के नेता ही दीखते है ? इन दोगलो को कभी कांग्रेसी नेता क्यों नही दीखते ?

मित्रो, सोचिए .. सुषमा स्वराज जी ने एक देशभक्ति के गाने पर डांस किया था .. हम भारतीय लोगो जब भी कोई वीररस का गीत सुनते है तो स्वाभाविक रूप से हमारे कदम थिरकने लगते है.. क्योकि हमारे अंदर वीरो का खून दौड़ता है ..

लेकिन एक कांग्रेसी और वो भी देश की मुख्यमंत्री के कदम और कमर 72 साल की उम्र में किसी देशभक्ति के गाने पर नही बल्कि अश्लीलतम गाने पर ही थिरकते है .. और वो भी "मै हूँ बलात्कारी आ जा चीर दूँ तेरी पटियाला सलवार" जैसे गाने पर |
मित्रो असल में इन कांग्रेसियों के अंदर किसी न किसी बलात्कारी का ही खून दौड़ता है ..ये कांग्रेसी किसी देशभक्त की औलाद हो ही नही सकते |

लेकिन, मित्रो, चलो कांग्रेसी वही कर रहे है जो इनकी संस्कृति और सभ्यता है ..लेकिन ये दोगले मीडिया वाले भी क्या किसी बलात्कारी की पैदाइश है ? इन बलात्कार के उपज मीडिया वालो को ये विडिओ क्यों नही दीखता ?
जब सुषमा स्वराज ने "ये देश है वीर जवानो का" गाने पर डांस किया तब नीच मीडिया और नीच कांग्रेसी कई कई दिनों पर अपनी छाती कूट रहे थे की सुषमा ने ठुमके क्यों लगाये ...

अब ये पोपली बुढिया दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीछित उर्फ़ चाची 420 हनी सिंह के साथ स्टेज पर "मै हूँ बलात्कारी आजा चीर दू तेरी पटियाला सलवार" जैसे अश्लीलतम गाने पर डांस कर रही है तो इस पर दोगले मीडिया वाले खामोश क्यों है ?

क्या भारत में नीच और हरामखोर मीडियावालो को सिर्फ बीजेपी के नेता ही दीखते है ? इन दोगलो को कभी कांग्रेसी नेता क्यों नही दीखते ?

मित्रो, सोचिए .. सुषमा स्वराज जी ने एक देशभक्ति के गाने पर डांस किया था .. हम भारतीय लोगो जब भी कोई वीररस का गीत सुनते है तो स्वाभाविक रूप से हमारे कदम थिरकने लगते है.. क्योकि हमारे अंदर वीरो का खून दौड़ता है .. 

लेकिन एक कांग्रेसी और वो भी देश की मुख्यमंत्री के कदम और कमर 72 साल की उम्र में किसी देशभक्ति के गाने पर नही बल्कि अश्लीलतम गाने पर ही थिरकते है .. और वो भी "मै हूँ बलात्कारी आ जा चीर दूँ तेरी पटियाला सलवार" जैसे गाने पर |
मित्रो असल में इन कांग्रेसियों के अंदर किसी न किसी बलात्कारी का ही खून दौड़ता है ..ये कांग्रेसी किसी देशभक्त की औलाद हो ही नही सकते |

लेकिन, मित्रो, चलो कांग्रेसी वही कर रहे है जो इनकी संस्कृति और सभ्यता है ..लेकिन ये दोगले मीडिया वाले भी क्या किसी बलात्कारी की पैदाइश है ? इन बलात्कार के उपज मीडिया वालो को ये विडिओ क्यों नही दीखता ?

हैदराबाद के विधायक अकबर ओवैसी ने हिंदुस्तान के लोगो को चेतावनी दी


हैदराबाद के विधायक अकबर ओवैसी ने हिंदुस्तान के लोगो को चेतावनी दी है की उसके कारन ही मुसलमानो का गुस्सा रुका हुआ है। कल अगर वो नहीं रहेंगे तो इस देश के मुसलमान इस देश को तबाह और बर्बाद कर देंगे। उसने हिन्दुस्तानियों को चेतावनी दी की कल अगर उसके हाथ में माइक के जगह कुछ और (तलवार/बन्धुक/गन) आ गई तो वो हिन्दुओ का इतना बड़ा नरसंहार करेंगे, जितना बड़ा हिन्दुओ का नरसंघार इस देश ने अपने पिछले 1000 सालो के मुस्लिम साशन के इतिहास में भी नहीं देखा होगा।

अकबर ओवैसी ने कहा - ये हिंदुस्तान तू याद रखे ले, इन मुसलमानों के गुस्से को थमाने वाले का नाम अकबर ओवैसी है और इनका गुस्सा मेरे जुबान मेरे खिताब के जरिये तुझ तक पहुचता है। अगर मै नहीं रहूँगा तो तू इस गुस्से के सामने टिक नहीं पायेगा और तबाही और बर्बादी तेरा मुस्तकबिल बन जाएगी।

अरे अल्लाह का सुक्र है, मेरे सामने यह माइक है। कल कही यह माइक नहीं कुछ और थमा लू (बन्दुक/तलवार) तो... हिंदुस्तान की हज़ार बरस की तारीख में दुनिया ने उतना खून खराबा नहीं देखा होगा जो खून खराबा इस मुल्क में हो जायेगा।

उसने अपने भासन में हिन्दुओ को कहा था की यह हिन्दू नामर्द होते है और यह कुछ नहीं कर सकते।
https://www.youtube.com/watch?feature=player_embedded&v=kBUnv4o94YA


निर्मल बाबा से 17 गुना अधिक धनी है पॉल दिनाकरणः


निर्मल बाबा से 17 गुना अधिक धनी है पॉल दिनाकरणः

300 करोड़ वाले निर्मल बाबा के ऊपर जब वेब मीडिया/सोशल मीडिया महीने भर से मुहीम चलता रहा तब जाकर कहीं मुख्यधरा की मीडिया आँख खोल पाई | और अब तो रोज निर्मल बाबा के पीछे हर मीडिया चैनल लट्ठ लेके पड़ा हुआ है |

लेकिन बात केवल एक निर्मल बाबा की नहीं है | निर्मल बाबा तो ठगी -धोखेबाजी-अंधविश्वास -चमत्कार के मार्ग पर चल कर आम लोगों की जेब खाली कराने वालो की जमात का एक अदना सा खिलाड़ी है |


पॉल दिनाकरन जो कि एक इसाई एवंगेलिस्ट हैं उनकी संपत्ति 5000 करोड़ से ज्यादा है,बिशप के.पी.योहन्नान की संपत्ति 7000 करोड़ है, ब्रदर थान्कू (कोट्टायम , करेला ) की संपत्ति 6000 हज़ार करोड़ से अधिक है | बहरहाल , ऐसे बहुत से नाम हैं, जिनकी पोल जनता के सामने खोलनी बेहद जरुरी है।

तमिलनाडु के चेन्नई में एक परिवार है जो खानदानी धर्म का बिजिनेस चला रहा है। इस परिवार का नाम है “धिनाकरण” जो की पता नहीं कब से लोगो को धर्म के नाम पर बहला-फुसला कर या धर्म के नाम पर डरा कर अपना बिज़नस करता है और खुद को एवंगेलिस्ट (evwngelist) बोलते हैं जिसका हिंदी मतलब होता है ईसाई धर्म का प्रचारक। इस परिवार के सबसे पहले इन्सान का नाम था “डी. जी. एश. धिनाकरण”|

इन महाशय का कहना था की इन्होने खुद ही क्राइस्ट को देखा है जब ये जनाब सुसाइड करने जा रहे थे तब क्राइस्ट ने खुद इनके सामने आ कर इनको सुसाइड करने से रोका था| पर मै बाइबल को देखा तो पाया की क्राइस्ट कभी भी गलत लोगो का साथ नहीं देते हैं| और सुसाइड को हर धर्म में गलत मन गया है और शैतान के द्वारा प्रायोजित बताया गया है| तो इन्होने किसको देखा था क्राइस्ट को या शैतान को| पर यही धिनाकरण ने जब अमेरिका में अपना कम शुरू किया तो इन्होने बताया की इन्होने क्राइस्ट को अपने बेडरूम में सपने में देखा था|

अगर हम इसको सही माने तो इनका पहला स्टेटमेंट गलत था…पर वही अगर पहले को सही माने तो दूसरा स्टेटमेंट गलत| किसी भी हालत में ये महाशय गलत साबित हो रहे हैं तो क्या ये मान जाये कि क्राइस्ट को इतना करीब से देखने का दावा करने वाले ये क्राइस्ट के नाम पर झूट बोल रहे हैं| ये आप सब खुद ही डिसाइड करे| वैसे तो इनकी बहुत सारी कहानियां हैं पर वो फिर कभी|

इनके परिवार में और इनके सुपुत्र और आज के क्राइस्ट को देखने का दावा करने वाले के बारे में बताते हैं जो खुद को क्राइस्ट के बराबर बताने में भी गुरेज नहीं करते हैं| ये हैं ईसाई धर्म गुरु पॉल दिनाकरन या ”पॉल धिनाकरण”|

पॉल दिनाकरन का जन्म ४ सितम्बर, १९६२ को हुआ| ये जनाब भी अपने पिता की तरह दुखी थे तो इनके पिता के द्वारा क्राइस्ट ने इनसे बात करी और इनकी जिंदगी बदल गई और इन्होने MBA किया| २७ साल की उम्र में इन्होने मद्रास यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट में PHD किया| निर्मल बाबा तो केवल भारत में टीवी चैनल पर आते हैं पर ये तो ९ देशो के टीवी चैनल पर कब्ज़ा किये हुए बैठे हैं| ये जनाब जीसस काल्स मिनिस्ट्री के नाम पर मैर्रिज ब्यूरो तो जॉब ब्यूरो और न जाने क्या क्या चलते हैं| यहाँ तक की अपनी वेबसाइट्स पर ये डोनेसन को भी बोलते हैं|

प्रार्थनाओं की ताकत से अनुयायियों को शारीरिक तकलीफों व दूसरी समस्याओं से मुक्ति दिलाने का दावा करते हैं। दिनाकरन इश्योरेंस या प्रीपेड कार्डों की तरह प्रेयर पैकेज बेचते हैं। यानी, वे जिसके लिए गॉड से प्रार्थना करते हैं, उससे मोटी रकम भी वसूलते हैं। मसलन 3000 रुपये में आप अपने बच्चों व परिवार के लिए प्रार्थना करवा सकते हैं। वे कोयंबटूर में एक इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के मालिक हैं। उनका 24 घंटे का चैनल रेनबो भी है। दुनिया भर में उनके 30 प्रेयर टॉवर हैं। कहा जाता है कि उनकी किसी भी सभा में एक लाख से अधिक भक्त मौजूद होते हैं। इन बाबाओं की कामयाबी व धनवर्षा का राज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में छुपा है।

एक और ध्यान देने वाली बात है की जो इन्सान ( पॉल दिनाकरन ) हर मर्ज को ठीक करने का दावा करता हो उसी का बाप जो खुद भी क्राइस्ट से मिल चूका है वो २००३ में हॉस्पिटल में एडमिट था| तो जब स्वयं क्राइस्ट से मिला इन्सान खुद को हॉस्पिटल तक में एडमिट होने से नहीं बचा पाया और न ही उसका बेटा जो उसी की तरह दावा करता है वो खुद भी क्राइस्ट से मिल चूका है और रोगियों को और रोग को ठीक करता है वो अपने बाप को नहीं बचा पाया तो ये आम जनता को कैसे बचाता है| क्या ये रिसर्च का विषय नहीं है मीडिया के लिए?

एक सत्य

सबसे स्वतंत्र रस जो भी अनघ पियेगा
पूरा जीवन केवल वह वीर जियेगा!

"डूबती कश्ती को अब किनारा देना होगा ,
लडखडाते देश को हमें सहारा देना होगा,
लिखना है इतिहास हमे अपने हिन्द का,
फिर इस काम में लहू हमें हमारा देना होगा !"

जय हिन्द जय भारत जय हिंदुत्व जय महाकाल
निर्मल बाबा से 17 गुना अधिक धनी है पॉल दिनाकरणः 

300 करोड़ वाले निर्मल बाबा के ऊपर जब वेब मीडिया/सोशल मीडिया महीने भर से मुहीम चलता रहा तब जाकर कहीं मुख्यधरा की मीडिया आँख खोल पाई | और अब तो रोज निर्मल बाबा के पीछे हर मीडिया चैनल लट्ठ लेके पड़ा हुआ है |

लेकिन बात केवल एक निर्मल बाबा की नहीं है | निर्मल बाबा तो ठगी -धोखेबाजी-अंधविश्वास -चमत्कार के मार्ग पर चल कर आम लोगों की जेब खाली कराने वालो की जमात का एक अदना सा खिलाड़ी है |


पॉल दिनाकरन जो कि एक इसाई एवंगेलिस्ट हैं उनकी संपत्ति 5000 करोड़ से ज्यादा है,बिशप के.पी.योहन्नान की संपत्ति 7000 करोड़ है, ब्रदर थान्कू (कोट्टायम , करेला ) की संपत्ति 6000 हज़ार करोड़ से अधिक है | बहरहाल , ऐसे बहुत से नाम हैं, जिनकी पोल जनता के सामने खोलनी बेहद जरुरी है।

तमिलनाडु के चेन्नई में एक परिवार है जो खानदानी धर्म का बिजिनेस चला रहा है। इस परिवार का नाम है “धिनाकरण” जो की पता नहीं कब से लोगो को धर्म के नाम पर बहला-फुसला कर या धर्म के नाम पर डरा कर अपना बिज़नस करता है और खुद को एवंगेलिस्ट (evwngelist) बोलते हैं जिसका हिंदी मतलब होता है ईसाई धर्म का प्रचारक। इस परिवार के सबसे पहले इन्सान का नाम था “डी. जी. एश. धिनाकरण”|

इन महाशय का कहना था की इन्होने खुद ही क्राइस्ट को देखा है जब ये जनाब सुसाइड करने जा रहे थे तब क्राइस्ट ने खुद इनके सामने आ कर इनको सुसाइड करने से रोका था| पर मै बाइबल को देखा तो पाया की क्राइस्ट कभी भी गलत लोगो का साथ नहीं देते हैं| और सुसाइड को हर धर्म में गलत मन गया है और शैतान के द्वारा प्रायोजित बताया गया है| तो इन्होने किसको देखा था क्राइस्ट को या शैतान को| पर यही धिनाकरण ने जब अमेरिका में अपना कम शुरू किया तो इन्होने बताया की इन्होने क्राइस्ट को अपने बेडरूम में सपने में देखा था|

अगर हम इसको सही माने तो इनका पहला स्टेटमेंट गलत था…पर वही अगर पहले को सही माने तो दूसरा स्टेटमेंट गलत| किसी भी हालत में ये महाशय गलत साबित हो रहे हैं तो क्या ये मान जाये कि क्राइस्ट को इतना करीब से देखने का दावा करने वाले ये क्राइस्ट के नाम पर झूट बोल रहे हैं| ये आप सब खुद ही डिसाइड करे| वैसे तो इनकी बहुत सारी कहानियां हैं पर वो फिर कभी|

इनके परिवार में और इनके सुपुत्र और आज के क्राइस्ट को देखने का दावा करने वाले के बारे में बताते हैं जो खुद को क्राइस्ट के बराबर बताने में भी गुरेज नहीं करते हैं| ये हैं ईसाई धर्म गुरु पॉल दिनाकरन या ”पॉल धिनाकरण”|

पॉल दिनाकरन का जन्म ४ सितम्बर, १९६२ को हुआ| ये जनाब भी अपने पिता की तरह दुखी थे तो इनके पिता के द्वारा क्राइस्ट ने इनसे बात करी और इनकी जिंदगी बदल गई और इन्होने MBA किया| २७ साल की उम्र में इन्होने मद्रास यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट में PHD किया| निर्मल बाबा तो केवल भारत में टीवी चैनल पर आते हैं पर ये तो ९ देशो के टीवी चैनल पर कब्ज़ा किये हुए बैठे हैं| ये जनाब जीसस काल्स मिनिस्ट्री के नाम पर मैर्रिज ब्यूरो तो जॉब ब्यूरो और न जाने क्या क्या चलते हैं| यहाँ तक की अपनी वेबसाइट्स पर ये डोनेसन को भी बोलते हैं|

प्रार्थनाओं की ताकत से अनुयायियों को शारीरिक तकलीफों व दूसरी समस्याओं से मुक्ति दिलाने का दावा करते हैं। दिनाकरन इश्योरेंस या प्रीपेड कार्डों की तरह प्रेयर पैकेज बेचते हैं। यानी, वे जिसके लिए गॉड से प्रार्थना करते हैं, उससे मोटी रकम भी वसूलते हैं। मसलन 3000 रुपये में आप अपने बच्चों व परिवार के लिए प्रार्थना करवा सकते हैं। वे कोयंबटूर में एक इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के मालिक हैं। उनका 24 घंटे का चैनल रेनबो भी है। दुनिया भर में उनके 30 प्रेयर टॉवर हैं। कहा जाता है कि उनकी किसी भी सभा में एक लाख से अधिक भक्त मौजूद होते हैं। इन बाबाओं की कामयाबी व धनवर्षा का राज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में छुपा है।

एक और ध्यान देने वाली बात है की जो इन्सान ( पॉल दिनाकरन ) हर मर्ज को ठीक करने का दावा करता हो उसी का बाप जो खुद भी क्राइस्ट से मिल चूका है वो २००३ में हॉस्पिटल में एडमिट था| तो जब स्वयं क्राइस्ट से मिला इन्सान खुद को हॉस्पिटल तक में एडमिट होने से नहीं बचा पाया और न ही उसका बेटा जो उसी की तरह दावा करता है वो खुद भी क्राइस्ट से मिल चूका है और रोगियों को और रोग को ठीक करता है वो अपने बाप को नहीं बचा पाया तो ये आम जनता को कैसे बचाता है| क्या ये रिसर्च का विषय नहीं है मीडिया के लिए?

एक सत्य

सबसे स्वतंत्र रस जो भी अनघ पियेगा 
पूरा जीवन केवल वह वीर जियेगा!

"डूबती कश्ती को अब किनारा देना होगा ,
लडखडाते देश को हमें सहारा देना होगा,
लिखना है इतिहास हमे अपने हिन्द का,
फिर इस काम में लहू हमें हमारा देना होगा !"

जय हिन्द जय भारत जय हिंदुत्व जय महाकाल

मदर टेरेसा - संत या धोखेबाज



एग्नेस गोंक्झा बोज़ाझियू अर्थात मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910 को स्कोप्जे, मेसेडोनिया में हुआ था और बारह वर्ष की आयु में उन्हें अहसास हुआ कि “उन्हें ईश्वर बुला रहा है”। 24 मई 1931 को वे कलकत्ता आईं और फ़िर यहीं की होकर रह गईं। उनके बारे में इस प्रकार की सारी बातें लगभग सभी लोग जानते हैं, लेकिन कुछ ऐसे तथ्य, आँकड़े और लेख हैं जिनसे इस शख्सियत पर सन्देह के बादल गहरे होते जाते हैं। उन पर हमेशा वेटिकन की मदद और मिशनरीज ऑफ़ चैरिटी की मदद से “धर्म परिवर्तन” का आरोप तो लगता ही रहा है, लेकिन बात कुछ और भी है, जो उन्हें “दया की मूर्ति”, “मानवता की सेविका”, “बेसहारा और गरीबों की मसीहा”… आदि वाली “लार्जर दैन लाईफ़” छवि पर ग्रहण लगाती हैं, और मजे की बात यह है कि इनमें से अधिकतर आरोप (या कहें कि खुलासे) पश्चिम की प्रेस या ईसाई पत्रकारों आदि ने ही किये हैं, ना कि किसी हिन्दू संगठन ने, जिससे संदेह और भी गहरा हो जाता है (क्योंकि हिन्दू संगठन जो भी बोलते या लिखते हैं उसे तत्काल सांप्रदायिक ठहरा दिये जाने का “रिवाज” है)। बहरहाल, आईये देखें कि क्यों इस प्रकार के “संत” या “चमत्कार” आदि की बातें बेमानी होती हैं (अब ये पढ़ते वक्त यदि आपको हिन्दुओं के बड़े-बड़े और नामी-गिरामी बाबाओं, संतों और प्रवचनकारों की याद आ जाये तो कोई आश्चर्यजनक बात नहीं होगी) –

यह बात तो सभी जानते हैं कि धर्म कोई सा भी हो, धार्मिक गुरु/गुरुआनियाँ/बाबा/सन्त आदि कोई भी हो बगैर “चन्दे” के वे अपना कामकाज(?) नहीं फ़ैला सकते हैं। उनकी मिशनरियाँ, उनके आश्रम, बड़े-बड़े पांडाल, भव्य मन्दिर, मस्जिद और चर्च आदि इसी विशालकाय चन्दे की रकम से बनते हैं। जाहिर है कि जहाँ से अकूत पैसा आता है वह कोई पवित्र या धर्मात्मा व्यक्ति नहीं होता, ठीक इसी प्रकार जिस जगह ये अकूत पैसा जाता है, वहाँ भी ऐसे ही लोग बसते हैं। आम आदमी को बरगलाने के लिये पाप-पुण्य, अच्छाई-बुराई, धर्म आदि की घुट्टी लगातार पिलाई जाती है, क्योंकि जिस अंतरात्मा के बल पर व्यक्ति का सारा व्यवहार चलता है, उसे दरकिनार कर दिया जाता है। पैसा (यानी चन्दा) कहीं से भी आये, किसी भी प्रकार के व्यक्ति से आये, उसका काम-धंधा कुछ भी हो, इससे लेने वाले “महान”(?) लोगों को कोई फ़र्क नहीं पड़ता। उन्हें इस बात की चिंता कभी नहीं होती कि उनके तथाकथित प्रवचन सुनकर क्या आज तक किसी भी भ्रष्टाचारी या अनैतिक व्यक्ति ने अपना गुनाह कबूल किया है? क्या किसी पापी ने आज तक यह कहा है कि “मेरी यह कमाई मेरे तमाम काले कारनामों की है, और मैं यह सारा पैसा त्यागकर आज से सन्यास लेता हूँ और मुझे मेरे पापों की सजा के तौर पर कड़े परिश्रम वाली जेल में रख दिया जाये..”। वह कभी ऐसा कहेगा भी नहीं, क्योंकि इन्हीं संतों और महात्माओं ने उसे कह रखा है कि जब तुम अपनी कमाई का कुछ प्रतिशत “नेक” कामों के लिये दान कर दोगे तो तुम्हारे पापों का खाता हल्का हो जायेगा। यानी, बेटा..तू आराम से कालाबाजारी कर, चैन से गरीबों का शोषण कर, जम कर भ्रष्टाचार कर, लेकिन उसमें से कुछ हिस्सा हमारे आश्रम को दान कर… है ना मजेदार धर्म…

बहरहाल बात हो रही थी मदर टेरेसा की, मदर टेरेसा की मृत्यु के समय सुसान शील्ड्स को न्यूयॉर्क बैंक में पचास मिलियन डालर की रकम जमा मिली, सुसान शील्ड्स वही हैं जिन्होंने मदर टेरेसा के साथ सहायक के रूप में नौ साल तक काम किया, सुसान ही चैरिटी में आये हुए दान और चेकों का हिसाब-किताब रखती थीं। जो लाखों रुपया गरीबों और दीन-हीनों की सेवा में लगाया जाना था, वह न्यूयॉर्क के बैंक में यूँ ही फ़ालतू पड़ा था? मदर टेरेसा को समूचे विश्व से, कई ज्ञात और अज्ञात स्रोतों से बड़ी-बड़ी धनराशियाँ दान के तौर पर मिलती थीं।

अमेरिका के एक बड़े प्रकाशक रॉबर्ट मैक्सवैल, जिन्होंने कर्मचारियों की भविष्यनिधि फ़ण्ड्स में 450 मिलियन पाउंड का घोटाला किया, ने मदर टेरेसा को 1.25 मिलियन डालर का चन्दा दिया। मदर टेरेसा मैक्सवैल के भूतकाल को जानती थीं। हैती के तानाशाह जीन क्लाऊड डुवालिये ने मदर टेरेसा को सम्मानित करने बुलाया। मदर टेरेसा कोलकाता से हैती सम्मान लेने गईं, और जिस व्यक्ति ने हैती का भविष्य बिगाड़ कर रख दिया, गरीबों पर जमकर अत्याचार किये और देश को लूटा, टेरेसा ने उसकी “गरीबों को प्यार करने वाला” कहकर तारीफ़ों के पुल बाँधे।

मदर टेरेसा को चार्ल्स कीटिंग से 1.25 मिलियन डालर का चन्दा मिला, ये कीटिंग महाशय वही हैं जिन्होंने “कीटिंग सेविंग्स एन्ड लोन्स” नामक कम्पनी 1980 में बनाई थी और आम जनता और मध्यमवर्ग को लाखों डालर का चूना लगाने के बाद उसे जेल हुई थी। अदालत में सुनवाई के दौरान मदर टेरेसा ने जज से कीटिंग को “माफ़”(?) करने की अपील की थी, उस वक्त जज ने उनसे कहा कि जो पैसा कीटिंग ने गबन किया है क्या वे उसे जनता को लौटा सकती हैं? ताकि निम्न-मध्यमवर्ग के हजारों लोगों को कुछ राहत मिल सके, लेकिन तब वे चुप्पी साध गईं।

ब्रिटेन की प्रसिद्ध मेडिकल पत्रिका Lancet के सम्पादक डॉ.रॉबिन फ़ॉक्स ने 1991 में एक बार मदर के कलकत्ता स्थित चैरिटी अस्पतालों का दौरा किया था। उन्होंने पाया कि बच्चों के लिये साधारण “अनल्जेसिक दवाईयाँ” तक वहाँ उपलब्ध नहीं थीं और न ही “स्टर्लाइज्ड सिरिंज” का उपयोग हो रहा था। जब इस बारे में मदर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “ये बच्चे सिर्फ़ मेरी प्रार्थना से ही ठीक हो जायेंगे…”(?)

बांग्लादेश युद्ध के दौरान लगभग साढ़े चार लाख महिलायें बेघरबार हुईं और भागकर कोलकाता आईं, उनमें से अधिकतर के साथ बलात्कार हुआ था। मदर टेरेसा ने उन महिलाओं के गर्भपात का विरोध किया था, और कहा था कि “गर्भपात कैथोलिक परम्पराओं के खिलाफ़ है और इन औरतों की प्रेग्नेन्सी एक “पवित्र आशीर्वाद” है…”। उन्होंने हमेशा गर्भपात और गर्भनिरोधकों का विरोध किया। जब उनसे सवाल किया जाता था कि “क्या ज्यादा बच्चे पैदा होना और गरीबी में कोई सम्बन्ध नहीं है?” तब उनका उत्तर हमेशा गोलमोल ही होता था कि “ईश्वर सभी के लिये कुछ न कुछ देता है, जब वह पशु-पक्षियों को भोजन उपलब्ध करवाता है तो आने वाले बच्चे का खयाल भी वह रखेगा इसलिये गर्भपात और गर्भनिरोधक एक अपराध है” (क्या अजीब थ्योरी है…बच्चे पैदा करते जाओं उन्हें “ईश्वर” पाल लेगा… शायद इसी थ्योरी का पालन करते हुए ज्यादा बच्चों का बाप कहता है कि “ये तो भगवान की देन हैं..”, लेकिन वह मूर्ख नहीं जानता कि यह “भगवान की देन” धरती पर बोझ है और सिकुड़ते संसाधनों में हक मारने वाला एक और मुँह…)

मदर टेरेसा ने इन्दिरा गाँधी की आपातकाल लगाने के लिये तारीफ़ की थी और कहा कि “आपातकाल लगाने से लोग खुश हो गये हैं और बेरोजगारी की समस्या हल हो गई है”। गाँधी परिवार ने उन्हें “भारत रत्न” का सम्मान देकर उनका “ऋण” उतारा। भोपाल गैस त्रासदी भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक दुर्घटना है, जिसमें सरकारी तौर पर 4000 से अधिक लोग मारे गये और लाखों लोग अन्य बीमारियों से प्रभावित हुए। उस वक्त मदर टेरेसा ताबड़तोड़ कलकत्ता से भोपाल आईं, किसलिये? क्या प्रभावितों की मदद करने? जी नहीं, बल्कि यह अनुरोध करने कि यूनियन कार्बाईड के मैनेजमेंट को माफ़ कर दिया जाना चाहिये। और अन्ततः वही हुआ भी, वारेन एंडरसन ने अपनी बाकी की जिन्दगी अमेरिका में आराम से बिताई, भारत सरकार हमेशा की तरह किसी को सजा दिलवा पाना तो दूर, ठीक से मुकदमा तक नहीं कायम कर पाई। प्रश्न उठता है कि आखिर मदर टेरेसा थीं क्या?

एक और जर्मन पत्रकार वाल्टर व्युलेन्वेबर ने अपनी पत्रिका “स्टर्न” में लिखा है कि अकेले जर्मनी से लगभग तीन मिलियन डालर का चन्दा मदर की मिशनरी को जाता है, और जिस देश में टैक्स चोरी के आरोप में स्टेफ़ी ग्राफ़ के पिता तक को जेल हो जाती है, वहाँ से आये हुए पैसे का आज तक कोई ऑडिट नहीं हुआ कि पैसा कहाँ से आता है, कहाँ जाता है, कैसे खर्च किया जाता है… आदि।

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पत्रकार क्रिस्टोफ़र हिचेन्स ने 1994 में एक डॉक्यूमेंट्री बनाई थी, जिसमें मदर टेरेसा के सभी क्रियाकलापों पर विस्तार से रोशनी डाली गई थी, बाद में यह फ़िल्म ब्रिटेन के चैनल-फ़ोर पर प्रदर्शित हुई और इसने काफ़ी लोकप्रियता अर्जित की। बाद में अपने कोलकाता प्रवास के अनुभव पर उन्होंने एक किताब भी लिखी “हैल्स एन्जेल” (नर्क की परी)। इसमें उन्होंने कहा है कि “कैथोलिक समुदाय विश्व का सबसे ताकतवर समुदाय है, जिन्हें पोप नियंत्रित करते हैं, चैरिटी चलाना, मिशनरियाँ चलाना, धर्म परिवर्तन आदि इनके मुख्य काम हैं…” जाहिर है कि मदर टेरेसा को टेम्पलटन सम्मान, नोबल सम्मान, मानद अमेरिकी नागरिकता जैसे कई सम्मान मिले।

संतत्व गढ़ना –
मदर टेरेसा जब कभी बीमार हुईं, उन्हें बेहतरीन से बेहतरीन कार्पोरेट अस्पताल में भरती किया गया, उन्हें हमेशा महंगा से महंगा इलाज उपलब्ध करवाया गया, हालांकि ये अच्छी बात है, इसका स्वागत किया जाना चाहिये, लेकिन साथ ही यह नहीं भूलना चाहिये कि यही उपचार यदि वे अनाथ और गरीब बच्चों (जिनके नाम पर उन्हें लाखों डालर का चन्दा मिलता रहा) को भी दिलवातीं तो कोई बात होती, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ…एक बार कैंसर से कराहते एक मरीज से उन्होंने कहा कि “तुम्हारा दर्द ठीक वैसा ही है जैसा ईसा मसीह को सूली पर हुआ था, शायद महान मसीह तुम्हें चूम रहे हैं”,,, तब मरीज ने कहा कि “प्रार्थना कीजिये कि जल्दी से ईसा मुझे चूमना बन्द करें…”। टेरेसा की मृत्यु के पश्चात पोप जॉन पॉल को उन्हें “सन्त” घोषित करने की बेहद जल्दबाजी हो गई थी, संत घोषित करने के लिये जो पाँच वर्ष का समय (चमत्कार और पवित्र असर के लिये) दरकार होता है, पोप ने उसमें भी ढील दे दी, ऐसा क्यों हुआ पता नहीं।

मोनिका बेसरा की कहानी –
पश्चिम बंगाल की एक क्रिश्चियन आदिवासी महिला जिसका नाम मोनिका बेसरा है, उसे टीबी और पेट में ट्यूमर हो गया था। बेलूरघाट के सरकारी अस्पताल के डॉ. रंजन मुस्ताफ़ उसका इलाज कर रहे थे। उनके इलाज से मोनिका को काफ़ी फ़ायदा हो रहा था और एक बीमारी लगभग ठीक हो गई थी। मोनिका के पति मि. सीको ने इस बात को स्वीकार किया था। वे बेहद गरीब हैं और उनके पाँच बच्चे थे, कैथोलिक ननों ने उनसे सम्पर्क किया, बच्चों की उत्तम शिक्षा-दीक्षा का आश्वासन दिया, उस परिवार को थोड़ी सी जमीन भी दी और ताबड़तोड़ मोनिका का “ब्रेनवॉश” किया गया, जिससे मदर टेरेसा के “चमत्कार” की कहानी दुनिया को बताई जा सके और उन्हें संत घोषित करने में आसानी हो। अचानक एक दिन मोनिका बेसरा ने अपने लॉकेट में मदर टेरेसा की तस्वीर देखी और उसका ट्यूमर पूरी तरह से ठीक हो गया। जब एक चैरिटी संस्था ने उस अस्पताल का दौरा कर हकीकत जानना चाही, तो पाया गया कि मोनिका बेसरा से सम्बन्धित सारा रिकॉर्ड गायब हो चुका है (“टाईम” पत्रिका ने इस बात का उल्लेख किया है)।

“संत” घोषित करने की प्रक्रिया में पहली पायदान होती है जो कहलाती है “बीथिफ़िकेशन”, जो कि 19 अक्टूबर 2003 को हो चुका। “संत” घोषित करने की यह परम्परा कैथोलिकों में बहुत पुरानी है, लेकिन आखिर इसी के द्वारा तो वे लोगों का धर्म में विश्वास(?) बरकरार रखते हैं और सबसे बड़ी बात है कि वेटिकन को इतने बड़े खटराग के लिये सतत “धन” की उगाही भी तो जारी रखना होता है….

(मदर टेरेसा की जो “छवि” है, उसे धूमिल करने का मेरा कोई इरादा नहीं है, इसीलिये इसमें सन्दर्भ सिर्फ़ वही लिये गये हैं जो पश्चिमी लेखकों ने लिखे हैं, क्योंकि भारतीय लेखकों की आलोचना का उल्लेख करने भर से “सांप्रदायिक” घोषित किये जाने का “फ़ैशन” है… इस लेख का उद्देश्य किसी की भावनाओं को चोट पहुँचाना नहीं है, जो कुछ पहले बोला, लिखा जा चुका है उसे ही संकलित किया गया है, मदर टेरेसा द्वारा किया गया सेवाकार्य अपनी जगह है, लेकिन सच यही है कि कोई भी धर्म हो इस प्रकार की “हरकतें” होती रही हैं, होती रहेंगी, जब तक कि आम जनता अपने कर्मों पर विश्वास करने की बजाय बाबाओं, संतों, माताओं, देवियों आदि के चक्करों में पड़ी रहेगी, इसीलिये यह दूसरा पक्ष प्रस्तुत किया गया है)

सन्दर्भ – महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति साहित्य (डॉ. इन्नैय्या नरिसेत्ति)
also see this link… http://www.slate.com/articles/news_and_politics/fighting_words/2003/10/mommie_dearest.html

गुजरात दंगो पे छाती पिटने वाले मुसलमान ये क्यों भूल जाते है


गुजरात दंगो पे छाती पिटने वाले मुसलमान ये क्यों भूल जाते है कि गोधरा कांड कि करतूत किसने कि थी ? बाबरी मस्जिद पर उन्माद फ़ैलाने वाला अकबरुद्दीन ओवैसी मुसलमान क्यों भूल जाता है कि वहा का राम मंदिर बाबर ने ढहाया था ?
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धर्म के नाम पर भारत के टुकड़े किये जिसने - वों जिन्नाह मुसलमान था,
करोडो हिंदुओ का खून बहाया जिसने - वों हर सुल्तान मुसलमान था,
हिंदुओ से जबरन इस्लाम कबुल करवाया जिसने - वों अरब मुसलमान था,
राम मंदिर तोड़कर मस्जिद बनायीं जिसने - वों बाबर मुसलमान था,
गुरु तेग बहादुर का सर कलम किया जिसने - वों औरंगजेब मुसलमान था,
कश्मीर में पंडितो का नरसंहार किया जिसने - वों हर आतंकी मुसलमान था,
मुंबई में बम धमाके करवाए जिसने - वों दाउद मुसलमान था,
भारत में घुसे 5 करोड जाहिलो में - हर बांग्लादेशी मुसलमान था,
बुद्ध महावीर कि मुर्तिया तोड़ी जिसने - वों हर दंगाई मुसलमान था,
भारत के संसद पर हमला किया जिसने - वों अफजल मुसलमान था,
गोधरा में कारसेवको कों जिन्दा जलाया जिसने - वों हर जेहादी मुसलमान था,
पाकिस्तान, असम से हिंदुओ को खदेड़ा जिसने - वों हर शख्स मुसलमान था,
26/11 कों हिंदुओ कों गोलियों से भुना जिसने - वों कसाब मुसलमान था,
अमरनाथ यात्रा पर पाबंदी कि मांग कि है जिसने - वों गिलानी मुसलमान था,
अमरनाथ यात्रियों पे जजिया लगाया है जिसने - वों मंत्री मुसलमान था,
100 करोड हिंदुओ कों काटने कि कसम खायी है जिसने - वों ओवैसी भी मुसलमान है ।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
जागो भारत जागो ! सिर्फ लाइक कर के भाग मत जाइए , शेयर कीजिये ! Share please !
सिर्फ लाइक कर के भाग मत जाइए , शेयर कीजिये ........
गुजरात दंगो पे छाती पिटने वाले मुसलमान ये क्यों भूल जाते है कि गोधरा कांड कि करतूत किसने कि थी ? बाबरी मस्जिद पर उन्माद फ़ैलाने वाला अकबरुद्दीन ओवैसी मुसलमान क्यों भूल जाता है कि वहा का राम मंदिर बाबर ने ढहाया था ?
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करोडो हिंदुओ का खून बहाया जिसने - वों हर सुल्तान मुसलमान था,
हिंदुओ से जबरन इस्लाम कबुल करवाया जिसने - वों अरब मुसलमान था,
राम मंदिर तोड़कर मस्जिद बनायीं जिसने - वों बाबर मुसलमान था,
गुरु तेग बहादुर का सर कलम किया जिसने - वों औरंगजेब मुसलमान था,
कश्मीर में पंडितो का नरसंहार किया जिसने - वों हर आतंकी मुसलमान था,
मुंबई में बम धमाके करवाए जिसने - वों दाउद मुसलमान था,
भारत में घुसे 5 करोड जाहिलो में - हर बांग्लादेशी मुसलमान था,
बुद्ध महावीर कि मुर्तिया तोड़ी जिसने - वों हर दंगाई मुसलमान था,
भारत के संसद पर हमला किया जिसने - वों अफजल मुसलमान था,
गोधरा में कारसेवको कों जिन्दा जलाया जिसने - वों हर जेहादी मुसलमान था,
पाकिस्तान, असम से हिंदुओ को खदेड़ा जिसने - वों हर शख्स मुसलमान था,
26/11 कों हिंदुओ कों गोलियों से भुना जिसने - वों कसाब मुसलमान था,
अमरनाथ यात्रा पर पाबंदी कि मांग कि है जिसने - वों गिलानी मुसलमान था,
अमरनाथ यात्रियों पे जजिया लगाया है जिसने - वों मंत्री मुसलमान था,
100 करोड हिंदुओ कों काटने कि कसम खायी है जिसने - वों ओवैसी भी मुसलमान है ।
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Tuesday, January 1, 2013

मस्जिदों में यह पर्चे गुप्त रूपत से बांटे जा रहे है !

5 सेकंड का समय देकर इसे शेयर करे, शेयर करने से पैसे खर्च नहीं होते
मेरे भाई - बहनों !
अकबरुद्दीन ओवैसी के चैलेंज पर छाती पिटने वाले मेरे हिंदू भाइयो कों ये नहीं
पाता कि ओवैसी ने वही कहा जो हर मुसलमान कों मस्जिद में सिखाया जाता है ! फर्क
सिर्फ इतना है कि ओवैसी सी ने मिडिया के आगे ओपन चैलेंज किया है लेकिन
मस्जिदों में यह पर्चे गुप्त रूपत से बांटे जा रहे है !


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
हैदराबाद के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा की अगर सरकार पुलिस को हटा दे तो
वो 25 करोड़ मुस्लिम बाकि 100 करोड़ हिन्दुओ को 15 मिनट में मार डाले।

अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा "ऐसे मोदी बहुत आये और बहुत चले गए। आज लोग बोल रहे
है की मोदी गुजरात जीत गया, अब प्रधान मंत्री बन जायेगा। देखेंगे कैसे प्रधान
मंत्री बनेगा और लोग मुसलमानों को डरा रहे है अरे मोदी है मोदी है, काहे का
मोदी? किधर का मोदी? आजा बाबा एक बार हैदराबाद आजा, बता देंगे। तसलीमा नसरीन
आई, कहा है किसी को नहीं मालूम। ये भी आ गई।

अरे हिंदुस्तान, हिंदुस्तान हम 25 करोड़ है ना? तुम 100 करोड़ है ना? ठीक है,
तुम तो हमारे से इतने ज्यादा है, 15 मिनट के लिए पुलिस को हटा दो, बता देंगे
किस्मे हिम्मत है कौन तागतवर है। 15 मिनट हटा लो।

एक हज़ार क्या, 1 लाख क्या, 1 करोड़ नामर्द (हिन्दू) मिलकर भी कोशिश करे ले तो
1 को भी पैदा नहीं कर सकते। और यह हिन्दू, हम (मुसलमानों) से मुकाबला नहीं कर
सकते। जब मुसलमान भारी पड़ा हिन्दू पर तो यह नामर्दों की फौज (भारतीय पुलिस) आ
जाती है। नहीं तो कब का काट देते हिंदुओ कों !

https://www.youtube.com/watch?v=iwgzO6xgTQ0

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