Wednesday, June 19, 2013

सोचिये मित्रो

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के 25 साल पूरे होने पर जारी देवी मां की तस्वीर वाले पांच रुपये के सिक्के को लेकर कांग्रेस अल्पसंख्यक सेल और कई मुस्लिम संगठनो ने अपना विरोध जताया है |

दिग्विजय सिंह का कहना है कि सिक्के पर हिंदू देवी की तस्वीर से भारत की धर्मनिरपेक्ष छवि को नुकसान पहुंचता है |

सोचिये मित्रो , जब ईसाई संत अल्फोंसा और मदर टेरेसा की तस्वीर वाले सिक्के जारी किये गये थे तब किसी भी कांग्रेसी ने ये नही कहा की इससे भारत की धर्मनिरपेक्ष छवि को नुकसान होता है .. फिर जब किसी हिन्दू देवी के फोटो वाले सिक्के जारी करने से भारत की धर्मनिरपेक्ष छवि को नुकसान कैसे ??

वो तो अच्छा है की इस्लाम में किसी की फोटो या मूर्ति बनाना वर्जित है नहीं तो ये दिग्विजय सिंह पूरी जिन्दगी सिर्फ ऐसे ही रूपये इस्तेमाल करते ..

अब भी हिन्दू नहीं जागे तो ? खतना भी करवाया जाएगा ||

त्राहि त्राहि कर उठा था जब भारत|
अपने ही बच्चो की चीत्कारों से||

भूल गए हो क्या तुम संघर्ष ?
चंद नपुन्सको की ललकारो से ||

लुटा था मंदिरों को जिन्होंने |
अस्मत को नारी की बांटा था ||

हिन्दुओं के भाई कहलाते है वो |
जिनका अपनी बहनों से अवैध नाता है ||

बाबर को माना वंसज |
हिन्दू पूर्वजों को झुठलाते है||

लिखते है चोधरी खुद को |
पर राम नाम झुठलाते है ||

ना जाने क्यों जयचंदों ने ?
इस देश का बंटाधार किया ||

सेकुलर भारत का नाम देकर |
तुष्टिकरण का पाठ पढाया है ||

औरंगजेब को महान बताया |
भगत सिंह को आतंकी बतलाते है ||

एन सी आर टी की किताबों में |
महापुरुषों के कार्टून बनाये जाते है ||

वन्दे मातरम् पर फतवा होगा |
डायन भारत माँ को बतलाया जाएगा||

लव जिहाद की आग जलेगी |
मुग्लिस्तान बनाया जाएगा ||

साम्प्रदायिक हिंसा बिल लाकर |
हिन्दुओं को दोषी ठहराया जाएगा||

अब भी हिन्दू नहीं जागे तो ?
खतना भी करवाया जाएगा ||

जय श्री राम

Tuesday, June 18, 2013

शांति दूतों एक सराहनीय कारनामा

शांति दूतों एक सराहनीय कारनामा

सीरिया में अब तक 93 हजार मौतें: यूएन

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पहली बार खुलेआम सीरियाई सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने विपक्षी लड़ाकों के खिलाफ युद्ध के लिए रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया है।
साथ ही संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक साल में यहां 93 हजार लोगों की मौतें हो चुकी हैं।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में इस बात का खुलासा हुआ है कि हाल ही में सीरिया के एलेप्पो और आस-पास स्थित कई इलाकों में हुए रासायनिक हमलों में तकरीबन डेढ़ सौ लोगों की मौत हुई हैं। हालांकि सीरियाई विपक्ष के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिले हैं कि उन लोगों ने भी इन हथियारों का इस्तेमाल किया है या नहीं।

सीरियाई सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।
उधर, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में पिछले एक साल में सीरिया में बशर अल असद सरकार और विद्रोहियों के बीच हुए मुठभेड़ में 93 हजार लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है।

ओबामा सरकार ने सीरियाई सरकार के खिलाफ विद्रोहियों को और अधिक सैन्य सहायता देने का निश्चय लिया है।

हिन्दुस्थान को "दारुल हरब" से "दारुल इस्लाम"

अगर एक मुसलमान दो हिंदू लड़कियों से शादी करके १२ बच्चे पैदा करे तो केवल २४ साल में मुस्लिम भारत पर कब्ज़ा कर लेंगे | हाल ही में पुलिस ने एक ऐसे ही युवक को पकड़ा है , इस युवक का नाम वसीम अकरम है , वह फेसबुक पर दक्ष शर्मा के नाम से प्रोफाइल बनाकर हिंदू युवतियों को फंसाता था , फिर उनका शारीरिक शोषण करता था | पुलिस ने अकरम को नजीराबाद से पकड़ा है | वसीम ने पूछताछ में बताया की लव जेहाद के नाम से ये सब कुछ चल रहा है , इससे जुड़े कट्टरपंथी हिंदू लड़कियों को फंसाकर उनसे शादी कर लेते हैं , इसका मुख्या संगठन ढाका में है तथा हिंदुस्तान में इसका मुख्या संगठन केरल में है|  

इस संगठन का मानना है की अगर एक मुस्लिम युवक एक हिंदू लड़की से शादी करके छः बच्चे पैदा करे तो हिंदुस्तान को इस्लामिक राष्ट्र बनाने में ४० साल लगेंगे और अगर एक मुसलमान दो हिंदू लड़कियों से शादी करके १२ बच्चे पैदा करे तो केवल २४ साल में मुस्लिम भारत पर कब्ज़ा कर लेंगे | वो कहते हैं की हिंदू लड़कीसे शादी करने से एक तरफ हम हिंदू आबादी को बढ़ने से रोकते हैं तो दूसरी तरफ मुस्लिम आबादी बढाते हैं | अकरम ने बताया की मुल्ला मौलवी मुस्लिम बोलीवुड सितारों से कहते हैं की वे कमसे कम दो हिंदू लड़कियों से शादी करे जिससे की देश में हिंदू लड़कियों में मुस्लिम लड़कों के प्रति सहानुभूति बने , वो भी सितारों की नक़ल करके मुस्लिम लड़कों के प्रेम जाल में आसानी से फंस जाएं |

हिन्दुस्थान को "दारुल हरब" से "दारुल इस्लाम" बनाने का जो इनका उद्देश्य है, ये उसी की एक कड़ी है। कुछ साल पहले आप जानते हैं की केरल में इसके 2500 मामले सामने आये थे। जिसमे पकडे गए आतंकवादियों ने इसके बारे में सब बताया था। और तहकीकात करने पर ये सारे मामले सामने आये। लेकिन अब तो ये पूरे देश में फ़ैल चूका है।ये इनका गजवा-ए-हिन्द(हिंदुस्तान पर फतह) का एक हिस्सा है, जो इनकी (मुसलामानों की) किताबों में लिखा है। की पाकिस्तान भविष्य में हिंदुस्तान पर फतह करेगा और पूरा हिंदुस्तान एक मुस्लिम मुल्क होगा। आप "गजवा-ए-हिन्द" के बारे में नेट पर या यु-ट्यूब पर सर्च कर सकते हैं। जिसमे खुद पाकिस्तानी बोल रहा है इसके बारे में।

Monday, June 10, 2013

आधुनिक समाज को इस्लाम की तरफ से भेट,(इस्लामिक गन्दगी)

आधुनिक समाज को इस्लाम की तरफ से भेट,(इस्लामिक गन्दगी)


“पत्नी विनिमय”

सट्टा वट्टा. سٹّہ وٹّہ Satta Watta –
इसका मतलब है “पत्नी विनिमय “या Barter Marriage “अक्सर मुसलमान आपस में ही लड़ते रहते हैं .और कई बार मामला गंभीर होजाने से जिरगा या पंचायत के पास चला जाता है .जब झगड़ा किसीभी तरह से नहीं सुलझाता है तो ,जिरगा ऐसे दौनों पक्षों के परिवार जिनके लडके और लड़कियां हों ,आपस में शादियाँ करा देता है .यानी किसी एक परिवार के लडके की दूसरे परिवार की लड़की से शादी करा दी जाती है .और विवाद का निपटारा हो जाता है .जादातर लोग यह फैसला मान लेते हैं .लेकिन यदि कोई परिवार नहीं मानता है तो ,जिरगा बच्चों की जबरदस्ती शादी करा देता है .यह रिवाज सिंध ,बलूचिस्तान ,पंजाब और सीमांत प्रान्त में प्रचलित है .इसका आधार यह हदीस है -

“अबू हुरैरा ने कहा कि,इब्ने नुमैर ने एक बार रसूल से पूछा कि ,मैं ने अपने पडौसी से कहा कि ,यदि वह अपनी लड़की का हाथ मेरे हाथों में दे देगा तो ,मैं अपनी बहिन की शादी उसके साथ कर दूँगा .क्या ऐसा करना उचित होगा .रसूल ने कहा इसमे कोई बुराई नहीं है ,बल्कि इस से एक मुसलमान दूसरे मुसलमान से जुड़ जाता है .और मनमुटाव ख़त्म होता है.सहीह मुस्लिम -किताब 8 हदीस 3299 .

Honour Killing

कारोकारी . کاروکاری KaroKari –

इज्जत के लिए ह्त्या Honour Killing .चूँकि इस्लाम में औरतों को परदे रखने का हुक्म है ,और यदि लड़कियाँ किसी लडके से बात भी करती हैं ,तो इसे बेशर्मी और गुनाह माना जाता है .और औरतों को घर में ही कैद रखा जाता है .इसका आधार यह हदीसें है .-

“अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने कहा कि औरतें ,गधा ,और कुत्ते लोगों का ईमान बिगड़ देते हैं ,इसलिए इनको एक जगह बांध कर रखना जरूरी है .यह बाहर जाकर ख़राब हो जाते हैं “.सही मुस्लिम -किताब 4 हदीस 1034

“अब्दुला इब्ने अब्बास ने कहा कि ,रसूल ने कहा है कुत्ता ,गधा ,यहूदी ,पारसी (मजूसी )और लड़कियां इमानबिगड़ देते हैं ,इनको बाहर नहीं रहने देना चाहिए “.अबू दाऊद-किताब 2 हदीस 704

“सईदुल खुदरी ने कहा कि ,रसूल ने कहा है औरतें ,ऊंट और गुलाम सब एक जैसे हैं .इनको आजादी नहीं देना चाहिए .यह आजादी देने से काबू में नहीं आ सकते हैं “अबू दाऊद -किताब 4 हदीस 2155

अब यदि कोई लड़का या लड़की आपस में प्रेम करने लगते हैं ,या शादी करना चाहते हैं ,तो इसे बदचलनी और इस्लाम के विरुद्ध माना जाता है .और लोग उस परिवार का अपमान करते है .या समाज से निकाल देते है .दोनो परिवार अपनी बदनामी से बचने के लिए उस प्रेमी जोड़े कीहत्या कर देते है .दुःख की बात यह है कि यह हत्याएं उन बच्चों के बाप ,बड़े भाई ,या सम्बन्धी ही करते है .और इस बात को छुपा देते हैं .भारत में भी यह कुरीति आ गयी है .यहाँ सगोत्र ,या अन्य जाती में शादी करने पर हत्या कर दी जाती है .लेकिन मुसलमानों में गोत्र का या जाती का सवाल ही नहीं है .वहां केवल इन हदीसों के कारण ही हत्या करते हैं .सन 2004 में सिंध में 2700 और पंजाब में 2005 में 1300 लड़कों और 3451 लड़कियों की हत्या कर दी गई थी .इस का सारा पाप मुहमद पर पड़ेगा .

यहाँ भी इस कुरीति का विरोध होना चाहिए .यह महा पाप है .

Child Marriage

अड्डोवद्ड़ो. اڈّووڈّو Addo Vaddo –

जिन परिवारों में किसी न किसी बात पर विवाद या झगड़े चलते रहते हैं ,वे आपसी झगडा निपटने के लिए एक दुसरे के बच्चों की शादी करा देते हैं .यह एक प्रकार का Child Marriage है .यह रिवाज सिंध पंजाब और बलूचिस्तान में प्रचलित है.इसका आधार यह हदीस है -

“आयशा ने कहा कि जब मैं 6 साल कि थी ,मेरे माँ बाप में मेरी शादी रसूल के साथ कर दी थी और जब मैं 9 साल की हुई तो रसूल ने मेरे साथ सम्भोग किया था “बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 64

इसी हदीस की आड़ लेकर 21 मई 2010 को एक 25 साल के युवक ने एक 6 साल की बच्ची से शादी की थी .और शरई कानून ने उसे जायज बताया था .आज भी पाकिस्तान में छोटी छोटी बच्चियों की शादियाँ होती है ,जिस से कई बच्चियां मर जाती है ,

बच्चों के जन्म से पूर्व ही उनकी शादी.

Pait Likkhi .پیٹ لکهی Pait Likkhi .-

इसका अर्थ है कि बच्चों के जन्म से पूर्व ही उनकी शादी तय कर देना .Arrangin Marriages in the Womb .अक्सर कई मुस्लिम परिवार एक साथ रहते हैं .और एक ही मकान में रहते है .मुसलमानों में चचेरे ,ममेरे भाइयों और बहिनों में शादी हो जाती है .जब किन्हीं भाइयों की औरतें एक ही समय गर्भवती हो जाती है ,तो घर के बुजुर्ग बच्चों के पेट में होते ही आपस में तय कर लेते है की ,अगर अमुक के घर लड़का होगा ,और अमुक के घर लड़की होगी तो ,उनकी आपस में शादियाँ करा देंगे .यह बात काजी के सामने लिखी जाती है .और दौनों तरफ के लोगों के सही कराये जाते है .बाद में यदि कोई इस बात से मुतारता है ,तो उस पर जिरगा जुरमाना लगा देती है .चूंकि यह अनुबंध पेट के बच्चों के लिए होता है ,उस पर बाल विवाह का कानून नहीं लगता ..इसका अधार यह आयतें और हदीसें है -

“अल्लाह माता के पेट में ही जोड़े बना देता है “सूरा-अज जुमुर 39 :4 -6

“हमने हरेक के शकुन अपशकुन को गले में बांध दिया है “सूरा -बनी इस्राएल 17 :13

“गर्भ में क्या है अल्लाह यह जानता है ,”सूरा -हूद 11 :5 .

हत्या के बदले में औरतें.

दिय्यत دِیَّت Diyyat —
वैसे तो इसका अर्थ है क्षतिपूर्ति या बदला है ,लेकिन किसी की शारीरिक हनी ,या हत्या के बदले में अपराधी से औरतें ली जाती है “Women as Compesation”. यह प्रथा सीमांत प्रान्त ,बलूचिस्तान ,और स्वात में अधिक है .इसके बारे में कुरानऔर हदीसों में यह लिखा है-

“यदि कोई ईमान वाला भूल से या जानबूझकर किसी ईमान वाले ला वध कर दे ,तो मारे गए व्यक्ति के परिवार को एक आदमी सौंपना होगा .और खून के बदले धन भी देना होगा “सूरा -अन निसा 4 :92

“एक पुरुष के बराबर दो स्त्रियाँ होंगीं “सूरा-निसा -4 :11

“यदि मारा गया व्यक्ति पागल हो तो उसकी दिय्यत आधी होगी .और मारी गयी औरत की दिय्यत मर्दों की कीमत से आधी होगी .यानि एक मर्द की हत्या के बदले दो औरतें देना होंगी .और औरत की आयु अगर सात साल से कम हो तो दो छोटी बच्चियों से काम चलाओ .”

बुखारी -जिल्द ५ किताब 59 हदीस 709 .और बुखारी -जिल्द 7 किताब 62 हदीस 64

(नोट -इस के मुताबिक एक मर्द के हया के बदले दो औरतें ,या 7 साल से कमकी चार बच्चियां देना होंगी )

फिर जो औरतें या बच्चियांबदले में ली जाती हैं ,उनसे मृतक के परिवार के लोग गुलामी करते हैं .और सब मिल कर बलात्कार भी करते हैं .कई जगह जमीदारों ने अपने निजी जेल भी बना रखे है

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महिला खतना (Female Genital Mutilation)

वुलवार.وُلوار Vulvar–

महिला खतना Female Genital Mutilation ,इसके बारे में पिछले लेखों में विस्तार से दिया गया है .इसमे चार से पांच साल की बच्चियों की योनी की भगनासा (Clitoris )और उसके आसपास के भगोष्ठ को छील दिया जाता है .कई बार इस से बच्चियों की मौत भी हो जाती है.

सब जानते हैं कि मुसलमान हफ़्तों तक नहीं नहाते .वह इसे रसूल कि सुन्नत मानते हैं .मुसलमान नहाने से बचने के लिए बच्चियों कि खतना करा देते हैं .हदीस में कहा है कि–

“यदि कोई खतना वाले पुरुष का अंग (लिंग )किसी बिना खतना वाली स्त्री के अंग (योनी )में प्रवेश करता है ,तो उस पुरुष को गुस्ल(स्नान )करना जरुरी है “सही मुस्लिम -किताब 3 हदीस 684 .

इसलिए मुसलमान बार बार नहाने से बचने के लिए लड़कियों कि खतना करा देते है .फिर मुहम्मद ने भी कहा था कि -
“उम्मे आत्तिय्या अन्सारिया ने कहा कि ,मदीना में एक औरत एक बच्ची की खतना कर रही थी .रसूल वहां गए और उस औरत से कहा कि इस बच्ची कि योनी को इतनी गहरायी से मत छीलना जिस से योनी कुरूप हो जाये ,और इस बच्ची के पति को पसंद न आये ” – सहीह मुस्लिम -किताब 41 हदीस 3251.

शारीरिक क्षति की भरपाई (Blood Feud)

सवरा. سوَرا Swara —-

इसका अर्थ है शारीरिक क्षति की भरपाई BloodFeud .यदि कोई किसी व्यक्ति के शरीर स्थायी को नुकसान करता है तो ,उसले बदले जो लिया जाता है उसे सवरा कहा जाता है .यह रिवाज भी कई स्थानों में है .कुरान में लिखा है-

“हे ईमान वालो ,बदला लेने में बराबरी होना जरूरी ठहरा दिया गया है ,आजाद का बदला आजाद ,गुलाम का बदला गुलाम ,स्त्री का बदला स्त्री .फिर यदि स्त्री के भाई की तरफ से कोई दिया जाये तो उसे उत्तम रीति से निपटा देना चाहिए .बदला लेना ही बुद्धिमानों का जीवन है ” — सूरा -बकरा 2 :178 और 179.

“हमने तुम्हें हुक्म दिया है कि जान के बदले जान ,आँख के बदले आंख ,कण के बदले कान ,नाक के बदले नाक ,दांत के बदले दांत और हरेक घाव के बदले घाव है ” — सूरा -मायादा 5 :45 .

इन आयातों के अनुसार यदि कोई बदले में बहुत अधिक धन नहीं दे पाताहै तो ,लोग दिय्यत में उसकी लड़की या बहिन को लेने के हकदार होते हैं ,या जिरगा जबरदस्ती शादी करा देती है .आज भी पाकितान की अदालतों में ऐसे हजारों मामले पड़े हैं .क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी ऐसे मामले उठती रहती है .लेकिन शरियत के आगे कुछ नहीं कर पाती है.

Saturday, June 8, 2013

पढो और शांति से विचार करो

पढो और शांति से विचार करो ।

1. विश्व में लगभग 56 मुस्लिम देश हैं, एक मुस्लिम देश का नाम बताईये जो हज के लिये "सब्सिडी" देता हो?

2. एक मुस्लिम देश बताईये जहाँ हिन्दुओं के लिये विशेष कानून हैं, जैसे कि भारत में मुसलमानों के लिये हैं ?

3. किसी एक देश का नाम बताईये, जहाँ 85% बहुसंख्यकों को "याचना" करनी पडती है, 15% अल्पसंख्यकों को संतुष्ट करने के लिये ?

4. एक मुस्लिम देश का नाम बताईये, जहाँ का राष्ट्रपति या प्रधानमन्त्री गैर- मुस्लिम हो ?

5. किसी "मुल्ला" या "मौलवी" का नाम बताईये, जिसने आतंकवादियों के खिलाफ़ फ़तवा जारी किया हो ?

6. महाराष्ट्र, बिहार, केरल जैसे हिन्दू बहुल राज्यों में मुस्लिम मुख्यमन्त्री हो चुके हैं, क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि मुस्लिम बहुल राज्य "कश्मीर" में कोई हिन्दू मुख्यमन्त्री हो सकता है ?

7. 1947 में आजादी के दौरान पाकिस्तान में हिन्दू जनसंख्या 24% थी, अब वह घटकर 1% रह गई है, उसी समय तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब आज का अहसान फ़रामोश बांग्लादेश) में हिन्दू जनसंख्या 30% थी जो अब 7% से भी कम हो गई है । क्या हुआ गुमशुदा हिन्दुओं का ? क्या वहाँ (और यहाँ भी) हिन्दुओं के कोई मानवाधिकार हैं ?

8. जबकि इस दौरान भारत में मुस्लिम जनसंख्या 10.4% से बढकर 14.2% हो गई है, क्या वाकई हिन्दू कट्टरवादी हैं?

9. यदि हिन्दू असहिष्णु हैं तो कैसे हमारे यहाँ मुस्लिम सडकों पर नमाज पढते रहते हैं, लाऊडस्पीकर पर दिन भर चिल्लाते रहते हैं कि "अल्लाह के सिवाय और कोई शक्ति नहीं है" ?

10. सोमनाथ मन्दिर के जीर्णोद्धार के लिये देश के पैसे का दुरुपयोग नहीं होना चाहिये ऐसा गाँधी ने कहा था, लेकिन 1948 में ही दिल्ली की मस्जिदों को सरकारी मदद से बनवाने के लिये उन्होंने नेहरू और पटेल पर दबाव बनाया, क्यों?

11. कश्मीर, नागालैण्ड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय आदिमें हिन्दू अल्पसंख्यक हैं, क्या उन्हें कोई विशेष सुविधा मिलती है ?

12. हज करने के लिये सबसिडी मिलती है, जब कि मानसरोवर और अमरनाथ जाने पर टैक्स देना पड़ता है, क्यों ?

13. मदरसे और क्रिश्चियन स्कूल अपने-अपने स्कूलों में बाईबल और कुरान पढा सकते हैं, तो फ़िर सरस्वती शिशु मन्दिरों में और बाकी स्कूलों में गीता और रामायण क्यों नहीं पढाई जा सकती?

14. गोधरा के बाद मीडिया मेंजो हंगामा बरपा, वैसा हंगामा कश्मीर के चार लाख हिन्दुओं की मौत पर क्यों नही हुआ ?

अब भी नही जागे तो डूब मरो...

Friday, June 7, 2013

एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए यह सरकार देश का विनाश कर देगी.


भारतीय मानव आधिकार सुरक्षा परिषद् की प्रेस वार्ता

सरकार ने साध्वी प्रज्ञा जी व् अन्य राष्ट्रवादी हिन्दुओ को बम ब्लास्ट के झूठे आरोपों मे फसाने के खिलाफ प्रेस वार्ता में उनके परिजनों भी मैजूद थे......




प्रेस वार्ता के दोरान फुट फुट कर रो पड़ी बेगुनाह लोकेश शर्मा पत्नी









एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए यह सरकार देश का विनाश कर देगी.




Thursday, June 6, 2013

मुस्लिम रेजिमेंट या मुस्लिम राईफल्स

क्या आप जानते है,, मुस्लिम रेजिमेंट या मुस्लिम राईफल्स नाम भारतीय सेना में क्यूँ नहीं है????
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भारतीय सेना में सभी तरह के रेजिमेंट फ़ोर्स हैं----
जैसे कि राजपुताना राईफल्स
राजपुताना रेजिमेंट
सिक्ख राईफल्स
सिक्ख रेजिमेंट
मराठा रेजिमेंट
गुजरात राइफल्स
जाट रेजिमेंट
इसी तरह के सभी राज्यों के आधार पर रेजिमेंट बनायें गए हैं और उस रेजिमेंट में वही सेना है जिस नाम से वो रेजिमेंट बनाया गया है

दोस्तों क्या आपको पता है मुस्लिम रेजिमेंट या मुस्लिम राईफल्स नाम क्यूँ नहीं है

कहानी तो बहुत लंबी है मगर संक्षिप्त में ---

1965 में जब पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ था उस वक्त मुस्लिम रेजिमेंट और मुस्लिम राईफल्स को हमला करने के आदेश जारी किये उस वक्त मुस्लिम रेजिमेंट और मुस्लिम राईफल्स ने पाकिस्तान पर हमला करने से साफ़ मना कर दिया था और लगभग बीस हज़ार मुस्लिम सेना ने पाकिस्तान के सामने अपने हथियार दाल दिए थे जिस वजह से उस वक्त भारत को काफी मुश्किलों सामना करना पड़ा था क्यूँ कि मुस्लिम राईफल्स और मुस्लिम रेजिमेंट के ऊपर बहुत ज्यादा यकीन कर के इनको भेजा गया था.

लेकिन इसके बाद इन दोनों को हटा दिया गया उसके बाद 1971 में पाकिस्तान के साथ फिर युद्ध हुआ उस वक्त सेना में एक भी मुस्लिम नहीं था उस वक्त भारत ने पाकिस्तान के नब्बे हज़ार सेना के हथियार डलवा कर उनको बंदी बना लिया था और लिखित तौर पर आत्मसमर्पण करवाया था ।।तब से लेकर आज तक भारतीय सेना में मुस्लिम रेजिमेंट या मुस्लिम राईफल्स नाम की कोई सेना नही है

मुस्लिम रेजिमेंट ने सन 65 मे पाकिस्तान के खिलाफ जंग लड़ने से साफ़ इंकार कर दिया,.इस वजह से इनकी पूरी की पूरी रेजिमेंट पर ही बैन लगा दिया गया, और पूरे रेजिमेंट को ही खत्म कर दिया गया,
क्योंकि भारत की असली जंग तो हमेशा ही पाकिस्तान के साथ होती है, और फिर यदि जंग के अहम मौके पर आकर कोई रेजिमेंट जंग लड़ने से मना कर देगी फिर उसे रखने से क्या फायदा?
अब आप ही बताइए क्या देश भक्ति ऐसी होती है ????
फिर क्यों जब भी किसी मुस्लिम को आतंकवादी कहा जाता है तो सारे मुस्लिम समुदाय को बेचेनी होती है ?????

सेक्युलर टोपी पहनने का नतीजा

सेक्युलर टोपी पहनने का नतीजा सामने आ गया ......अब भी नहीं उतारी टोपी नितीश जी ने तो 2014 में जनता धोती और कुर्ती भी उतार देगी

बिहार में एक सीट पर हुए लोकसभा के उप-चुनाव में नितीश कुमार ने भले ही अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी लेकिन वो सीट JDU हार गयी..लालू की पार्टी वहाँ जीत गयी..नितीश को अब समझ जाना चाहिए कि अगर वो बीजेपी से अलग हुआ तो बिहार में दोबारा सत्ता में आना उसके लिए असंभव होगा..गौरतलब है किनितीश ने वहाँ खुद रैली की थी, उधर दूसरी तरफ मोदी ने गुजरात उप-चुनाव में एक भी रैली नहीं की फिर भी सारी 6 सीटें जीत लीं बीजेपी ने....नितीश बिहार में खुद रैली कर के1 सीट पर भी हार गया और मोदी गुजरात में बिना प्रचार किये 6 सीट खान्ग्रेस से छीन ले गए.

Tuesday, June 4, 2013

कुछ दिनों पहले दिल्ली सरकार ने एक 50 साल
पुराणी गौ शाला तोड़ दी..
लेकिन वो ही सरकार हाई कोर्ट के आर्डर आने के
बाद भी सुभाषपार्कामें बनी केवल10 दिन
पुरानी मस्जिद नहीं तोड़ पाई..
पूछने पर जबाब आया की हमारे पास
अभी पर्याप्त पुलिस फाॅर्स नहीं है..
क्योकि सभी को पता है की उस मस्जिद
को तोड़ते ही दंगे शुरू होजायेगे और शांति प्रिय
कहे जाने वाले लोग मासूम हिन्दुओ को कत्लेआम
शुरू कर देंगे..
=============== =========
अब सवाल आता है की एसा ही इन्होने
गौ शाला तोड़ने से पहले क्यों नहीं सोचा??
जबाब साफ़ है किसी भी हिन्दू से पूछो की भाई
तू हिन्दू है?? बोलेगा नहीं में इंडियन हु..
पूछो भाई तेरा धरम क्या है बोलेगाइंडियन..
लेकिन किसी भी मुसलमान से पूछो भाई
तेरा धरम क्या है??
मेरा दावा है 99 % मुसलमान का जबाब
इस्लाम होगा..
और ये ही चुतियापा ही सबसे बड़ा कारण है
हमारे धरम पर हो रहे अत्याचार का..
इस देश में हिन्दू मेंटली ख़तम होचूकाहै या कहू
तो ख़तम किया जा चूका है एक षड़यंत्र के तहत ..
यहाँ कोई हिन्दू नहीं है है तो बस इंडियन..
हा आपकी नागरिकता इंडियन हो सकती है
मेरी भी है लेकिन आपका धरम इंडियन केसे हुआ??
इस पोस्ट के बारे में अपनी राय कमेंट करे... हिन्दू
वीर तू शूरवीर है

Monday, June 3, 2013

जब से अल्तमश कबीर

►जब से अल्तमश कबीर को सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायधीश बनाया गया है तब से मुम्बई ब्लास्ट के आरोपी 11 मुल्लोँ की सजा को उम्रकैद मेँ बदल दिया गया

►जब से सलमान खुर्शीद विदेश मंत्री बने तब से 11 मेँ से 9 विदेश सचिव मुस्लिमोँ को बना दिया गया

►जब से आजम खान को यूपी का शहर विकास मंत्री बनाया गया तब से शहरोँ का इस्लामिकरण चालू हो गया

►और जब से शफीउर्र रहमान सांसद बना तबसे संसद मेँ'वन्दे मातरम' का विरोध चालू हो गया॥

Saturday, June 1, 2013

जापान विश्व में एकमात्र ऐसा देश है जो, मुसलमानो को नागरिकत्व प्रदान नहीं करता

जापान विश्व में एकमात्र ऐसा देश है जो, मुसलमानो को नागरिकत्व प्रदान नहीं करता और उसके विरुध्द संयुक्त राष्ट्र संघ में कोई विशेष न्यायासन भी नहीं है। इस्लाम के प्रचार-प्रसार पर यहाँ पूर्णतः प्रतिबंध है। मदरसा भी नहीं है। धर्मांतरण किया नहीं जा सकता। मुसलमान धर्मांधता एवं कट्टरता निर्माण करते है, ऐसा जपान सरकार का सैध्दांतिक आरोप है।इसलिए यहाँ मुसलमानों के संबंध में कठोरता पूर्वक सजगता रखी जाती है। इस ही के कारण

१) जापान में अभी तक किसी प्रकार के दंगे या आतंकी कृत्य हो नहीं पाया।
२) जापान में चार शतक पूर्व तक १० लक्ष मुसलमान थे,अब केवल पौने दो लक्ष बचे है।राष्ट्रिय परिवार नियोजन तथा एक विवाह नियम है।
३) जापान के मुसलमान केवल जापानी भाषा-लिपि का ही प्रयोग कर सकते है। जापानी भाषा में अनुवाद किया हुवा ही कुराण रख सकते है।
४) नमाज भी केवल जापानी में ही पढ़ सकते है।
५) जापान में केवल पांच मुस्लिम राष्ट्र के दूतावास है और उनके कर्मचारियों को भी जापानी भाषा में ही संवाद करना होता है।
६) जापान में धर्मांतरण प्रतिबंधित है।
७) ख्रिश्‍चन धर्मगुरू (पाद्री) भी यहाँ बेरोजगार है।गत ५० वर्ष में जापान निवासी ख्रिश्चानो की जनसँख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।

धर्म के नाम अल्पसंख्या के आधार पर विभाजन और हत्याओ को झेलकर खंडित हिन्दुस्थान जिस धर्मनिरपेक्षता का विधान दिखाकर तुष्टिकरण की राजनीती के लिए समान नागरिकता तक लागु नहीं करता उनके लिए यह एक उदहारण है।महायुध्द झेलकर राख से उठकर खड़ा इतना सा देश विश्व में विश्वसनीय तांत्रिक उत्पादन बेचकर अपनी अर्थ व्यवस्था को बनाये है।प्राकृतिक आपदाओ से बारंबार लड़ता खड़ा होता विश्व ने देखा है।भारतीय संस्कृति को मात्रु संस्कृति कहनेवाले देश ने जापान हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रासबिहारी बासु - नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को आश्रय देकर भारत के शत्रु विरुध्द शंखनाद के लिए भूमि उत्पन्न कर दी।

इनसे सिखने के लिए हमारे पास मस्तिष्क की आवश्यकता है
‘‘ जापान विश्व में एकमात्र ऐसा देश है जो, मुसलमानो को नागरिकत्व प्रदान नहीं करता और उसके विरुध्द संयुक्त राष्ट्र संघ में कोई विशेष न्यायासन भी नहीं है। इस्लाम के प्रचार-प्रसार पर यहाँ पूर्णतः प्रतिबंध है। मदरसा भी नहीं है। धर्मांतरण किया नहीं जा सकता। मुसलमान धर्मांधता एवं कट्टरता निर्माण करते है, ऐसा जपान सरकार का सैध्दांतिक आरोप है।इसलिए यहाँ मुसलमानों के संबंध में कठोरता पूर्वक सजगता रखी जाती है। इस ही के कारण

१) जापान में अभी तक किसी प्रकार के दंगे या आतंकी कृत्य हो नहीं पाया।
२) जापान में चार शतक पूर्व तक १० लक्ष मुसलमान थे,अब केवल पौने दो लक्ष बचे है।राष्ट्रिय परिवार नियोजन तथा एक विवाह नियम है।
३) जापान के मुसलमान केवल जापानी भाषा-लिपि का ही प्रयोग कर सकते है। जापानी भाषा में अनुवाद किया हुवा ही कुराण रख सकते है।
४) नमाज भी केवल जापानी में ही पढ़ सकते है।
५) जापान में केवल पांच मुस्लिम राष्ट्र के दूतावास है और उनके कर्मचारियों को भी जापानी भाषा में ही संवाद करना होता है।
६) जापान में धर्मांतरण प्रतिबंधित है।
७) ख्रिश्‍चन धर्मगुरू (पाद्री) भी यहाँ बेरोजगार है।गत ५० वर्ष में जापान निवासी ख्रिश्चानो की जनसँख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।

धर्म के नाम अल्पसंख्या के आधार पर विभाजन और हत्याओ को झेलकर खंडित हिन्दुस्थान जिस धर्मनिरपेक्षता का विधान दिखाकर तुष्टिकरण की राजनीती के लिए समान नागरिकता तक लागु नहीं करता उनके लिए यह एक उदहारण है।महायुध्द झेलकर राख से उठकर खड़ा इतना सा देश विश्व में विश्वसनीय तांत्रिक उत्पादन बेचकर अपनी अर्थ व्यवस्था को बनाये है।प्राकृतिक आपदाओ से बारंबार लड़ता खड़ा होता विश्व ने देखा है।भारतीय संस्कृति को मात्रु संस्कृति कहनेवाले देश ने जापान हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रासबिहारी बासु - नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को आश्रय देकर भारत के शत्रु विरुध्द शंखनाद के लिए भूमि उत्पन्न कर दी। 

इनसे सिखने के लिए हमारे पास मस्तिष्क की आवश्यकता है

ओवेशी को बेल सिर्फ हार्निया के दम पर और 'साध्वी प्रज्ञा' जी को कैँसर के होने के बाद भी बेल नही.....!!

ओवेशी को बेल सिर्फ हार्निया के दम पर और 'साध्वी प्रज्ञा' जी को कैँसर के होने के बाद भी बेल नही.....!!
ओवेशी को बेल सिर्फ हार्निया के दम पर और 'साध्वी प्रज्ञा' जी को कैँसर के होने के बाद भी बेल नही.....!!

छोड़ो आतंकवादियों को और उनको इनाम दो हिन्दुओं की लाशो का



हिन्दुओं की लाशो पर आंसू बहाने वाला पहले भी कोई नहीं था अब हिन्दुओं के कातिलों को प्रोत्साहित कर इनाम और छुट दी जा रही है ..... 
उत्तर प्रदेश की सरकार में हिन्दू विधायक हिजड़े हो गए है और अपनों की मौत का तमाशा देख रहे है ?? और अपनों को मारने वालो को अपने हाथो से इनाम दे रहे है || छोड़ो आतंकवादियों को और उनको इनाम दो हिन्दुओं की लाशो का ,,, क्योकि हिन्दू वोट बैंक तो है नहीं ,,, इस बार मुलायम सिंह ने बेवकूफ बनाया अगली बार मायावती या कांग्रेस बना लेगी ,,,,,,,

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अभी-अभी खबर पढ़ी है की उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार अपने जगजाहिर "आतंकवादी प्रेम" पर एक और ठप्पा लगते हुए वाराणसी के विश्व विख्यात संकटमोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन पर सात मार्च, 2006 को हुए आतंकी हमले के आरोपी शमीम के खिलाफ चल रहे मुकदमे को वापस लेने का निर्णय ले लिया है।जैसा की आप जानते हैं की सात मार्च, 2006 को संकट मोचन व कैंट रेलवे स्टेशन पर हुए श्रृंखलाबद्ध विस्फोट के बाद दशाश्वमेध इलाके में भी डेढ़सी पुल के नजदीक एक कुकर बम बरामद हुआ था, जिसे पुलिस ने निष्क्रिय कर दिया था। जांच के दौरान पुलिस व एसटीएफ ने इलाहाबाद के वलीउल्लाह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ व सर्विलांस से मिली जानकारी में चंदौली निवासी शमीम अहमद का भी नाम सामने आया।इस सीरियल धमाके में २७ लोग मारे गए थे और दर्शनो घायल हो गए थे.तो क्या अब हमारी राजनितिक पार्टियाँ वोट के लए इतने निचे तक गिर गयी हैं की आतंकवादियों-देशद्रोहियों को जेल से छोड़ रही हैं और जैसा की अभी कुछ दिन पहले की ख़बरों के मुताबिक एक सिरिअल ब्लास्ट के आरोपी की लू से मौत पर ६ लाख का मुआवजा भी इसी सरकार ने दिया था.अगर इन आतंकवादियों का कोई गुनाह नहीं था तो तमाम सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें पकड़ा ही क्यूँ?या समाजवादी पार्टी की सरकार आते ही सारे आतंकी निर्दोष क्यों हो जाते हैं?ये मनन-चिंतन का विषय है.यूपी की जातिवादी जनता को भी सोचना चाहिए,आखिर जातिवाद के नाम पर इन आतंकवादी विचारधारा की पोषक सरकारों को कब तक सत्ता देंगे?आज स्वर्ग में बैठ कर समाजवाद के प्रणेता राम मनोहर लोहिया की भी आत्मा रो रही होगी की मैंने तो समाजवादी पार्टी बनायीं थी और हमारे अनुयायी इसे नमाज़वादी पार्टी बना दिए.यहाँ एक तथ्य स परिचित कराना और जरूरी है की सपा का यह आतंकवादी प्रेम सिर्फ मुस्लिम वोटबैंक के लिए है लेकिन शायद वो भूल रहे हैं की जिस हमले के दोषी को ये छोड़ रहे हैं उसी हमले में ३ मुसलमान भी मरे थे.लेकिन इससे इनको फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इन्हें तो कुछ ऐसा दिखाना है जिससे इनका मुस्लिम प्रेम उजागर हो.
om namah shivay......देश की जरुरत है मोदी
अभी-अभी खबर पढ़ी है की उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार अपने जगजाहिर "आतंकवादी प्रेम" पर एक और ठप्पा लगते हुए वाराणसी के विश्व विख्यात संकटमोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन पर सात मार्च, 2006 को हुए  आतंकी हमले के आरोपी शमीम के खिलाफ चल रहे मुकदमे को वापस लेने का निर्णय ले लिया है।जैसा की आप जानते हैं की सात मार्च, 2006 को संकट मोचन व कैंट रेलवे स्टेशन पर हुए श्रृंखलाबद्ध विस्फोट के बाद दशाश्वमेध इलाके में भी डेढ़सी पुल के नजदीक एक कुकर बम बरामद हुआ था, जिसे पुलिस ने निष्क्रिय कर दिया था। जांच के दौरान पुलिस व एसटीएफ ने इलाहाबाद के वलीउल्लाह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ व सर्विलांस से मिली जानकारी में चंदौली निवासी शमीम अहमद का भी नाम सामने आया।इस सीरियल धमाके में २७ लोग मारे गए थे और दर्शनो घायल हो गए थे.तो क्या अब हमारी राजनितिक पार्टियाँ वोट के लए इतने निचे तक गिर गयी हैं की आतंकवादियों-देशद्रोहियों को जेल से छोड़ रही हैं और जैसा की अभी कुछ दिन पहले की ख़बरों के मुताबिक एक सिरिअल ब्लास्ट के आरोपी की लू से मौत पर ६ लाख का मुआवजा भी इसी सरकार ने दिया था.अगर इन आतंकवादियों का कोई गुनाह नहीं था तो तमाम सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें पकड़ा ही क्यूँ?या समाजवादी पार्टी की सरकार आते ही सारे आतंकी निर्दोष क्यों हो जाते हैं?ये मनन-चिंतन का विषय है.यूपी की जातिवादी जनता को भी सोचना चाहिए,आखिर जातिवाद के नाम पर इन आतंकवादी विचारधारा की पोषक सरकारों को कब तक सत्ता देंगे?आज स्वर्ग में बैठ कर समाजवाद के प्रणेता राम मनोहर लोहिया की भी आत्मा रो रही होगी की मैंने तो समाजवादी पार्टी बनायीं थी और हमारे अनुयायी इसे नमाज़वादी पार्टी बना दिए.यहाँ एक तथ्य स परिचित कराना और जरूरी है की सपा का यह आतंकवादी प्रेम सिर्फ मुस्लिम वोटबैंक के लिए है लेकिन शायद वो भूल रहे हैं की जिस हमले के दोषी को ये छोड़ रहे हैं उसी हमले में ३ मुसलमान भी मरे थे.लेकिन इससे इनको फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इन्हें तो कुछ ऐसा दिखाना है जिससे इनका मुस्लिम प्रेम उजागर हो.
om namah shivay......@[476567475743021:274:देश की जरुरत है मोदी]

माफी मांगने का सिलसिला शुरू करते हैं |

हमारे देश की मिडिया और सेकुलर बुद्धिजीवी प्राणी अक्सर ये चिल्लाते रहते हैं की मोदी 2002 के बारे में माफ़ी कब मांगेगे , तो चलो आज माफी मांगने का सिलसिला शुरू करते हैं |
२००२ तो बहुत बाद में आया, उससे पहले से शुरू करते हैं |
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तीस्ता सीतलवाड़ माफी मांगो सन 715 के लिए
जब मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर बेवजह हमला किया |

जावेद आनंद माफी मांगो सन 1001-1027 के लिए
जब महमूद गजनवी ने भारत वर्ष पर 17 बार हमला किया |
मंदिरों को लूटा और लाखों हिन्दुओं का कत्ल किया |

शबनम हाशमी माफी मांगो सन 1175 से 1197 के लिए जब मुहम्मद गोरी ने सिंध, ग्वालियर, गुजरात,बनारस और अजमेर पर रक्त रंजित हमला किया |

शाजिया इल्मी माफी मांगो सन 1193 के लिए जब मुहम्मद खिलजी ने बिहार पर हमला करके खून की नदियाँ बहाई |

माफी मांगो सन 1199 से 1202 के लिए जब खिलजी ने बंगाल को तहस नहस
किया | रणथम्बोर, अजमेर, जालोर, नागौर , ग्वालियर, बदायूं, कन्नौज और बनारस को लूटा |

अरुंधती रॉय माफी मांगो 1297 के लिए जब अलाउद्दीन खिलजी ने गुजरात पर हमला किया |

माफी मांगो 1301 के लिए जब इसने रणथम्बोर के राजा हमीर देव की हत्या की |
माफी मांगो 1305 के लिए लिए जब इस शैतान ने रानी पद्मिनी को जौहर करने के लिए मजबूर किया |

मेधा पाटकर माफी मांगो 1326 के लिए जब फिरोज तुगलक ने ज्वालामुखी मंदिर को ध्वस्त किया |
माफी मांगो 1360 के लिए जब इसने जाज नगर के जगन्नाथ पूरी मन्दिर को नष्ट किया |

प्रशांत भूषण माफी मांगो 1527 के लिए जब बाबर ने बहराइच, सियालकोट, रणथमबौर और बिहार पर हमला किया |

नंदिता दास माफी मांगो 1555 के लिए जब हुमायूं ने दिपालपुर और लाहौर पर हमला किया |

जावेद अख्तर माफी मांगो 1589 के लिए जब अकबर ने बंगाल, गुजरात और कश्मीर पर हमला किया |

मुलायम सिंह माफी मांगो औरंगजेब के शासन काल के लिए जिसने लाखों हिन्दुओं का कत्ल किया और मंदिरों को नष्ट किया | जिसने हिन्दुओं को इस्लाम और जिन्दगी में से एक चुनने के लिए मजबूर किया | जिसने गुरु तेगबहादुर का कत्ल किया |

लालू माफी मांगो नोआखली में हिन्दुओं के नरसंहार के लिए |

सेकुलरों माफी मांगो मोपला में हिन्दुओं के सुनियोजित क़त्ल के लिए |

और अभी हाल में उत्तर प्रदेश के कोसीकलां, प्रतापगढ़, इलाहबाद में
हिन्दुओं के कत्ल के लिए |

अगर तुम लोग सेकुलरिज्म की उपरोक्त महान घटनाओं पर माफी मांग लो,
२००२ के लिए मैं मोदी जी से अभी माफीनाम जारी करवा देता हूँ |

सेकुलर कौन.........?

सेकुलर कौन.........?

1. जो यह घोषणा करे कि भारत के संसाधनों पर पहला हक मुस्लिमों का है।

2. जो सिर्फ मुस्लिम लड़कियोंको दसवीं उत्तीर्ण करने पर 30,000 रुपए दे।

3. जो 25 लाख वजीफे केवल मुस्लिम विद्यार्थियों को दे।

4. मुस्लिम लडकियोंके 50% मार्क्स पर उनको स्कूटी दे |

5. जो हिन्दू विद्यार्थियों को15-18 प्रतिशत पर शिक्षा के लिए कर्ज दिलाये और मुस्लिमों को 2 से 4प्रतिशत पर।

6. जो गोधरा स्टेशन पर 59 हिन्दू तीर्थयात्रियों की निर्मम हत्या को भूल जाए।

7. जो सिर्फ मदरसे, मख्तबों, मस्जिदों के मुल्ला-मौलवियों ­ को वेतन दे।

8. जो मुस्लिमों को आरक्षण दे।

9. जो सिर्फ हज पर सब्सिडी दे|

10. जो मुस्लिम आतंकी के मरने पर उसके परिवार को 6 लाख का मुवावजा दे।

11.जो एक मुस्लिम DSPके मरने पर उसको 50 लाख और उसके घर के 6 लोगो को सरकारी नौकरी दे। और हिन्दू सैनिक के सर काटने पर सिर्फ 5 लाख और कोई सरकारी नोकरी नहीं।

12. जो बंगलादेशी व पाकिस्तानी मुस्लिम घुसपैठियों, जिहादियों को तो राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, नागरिकता तक दे, परन्तु पाकिस्तान में कट्टरवादियों के डर से भारत आए हिन्दुओं को पाकिस्तान वापस भेजने पर अड़ा रहे।

Thursday, May 30, 2013

कोसिकलां मे मुसलमानों के द्वारा 3 बम विस्फोट - धन्यवाद अखिलेश जी

कोसिकलां मे मुसलमानों के द्वारा 3 बम विस्फोट

धन्यवाद अखिलेश जी

यूपी का कोसीकलां कसबा बम धमाकों से दहल उठा। कुछ लोग भरे बाजार में बम फेंकते हुए फरार हो गए।
इन धमाकों में पांच लोग घायल हुए है। धमाकों के बाद फैली दहशत के चलते बाजारों में शटर धड़ाधड़ गिरते गए।
अफरा तफरी और भगदड़ मच गई। चार धमाकों की दहशत से लोग अभी उभर भी नहीं पाए थे कि रात लगभग 11 बजे फिर से एक धमाका हो गया। कसबे में दहशत और तनाव भरा माहौल है।
भरत मिलाप चौक पर शाम करीब साढे़ आठ बजे चाट की ठेल लगी थी। अचानक तीन-चार लोग आए और जब तक कोई कुछ समझ पाता बम फेंकने लगे। दो सौ गज के दायरे में तीन बम फेंक कर वह भाग निकले।
बस फटने से अर्जुन की ठेल पर चाट खा रहे हुलवाना निवासी दो भाई विजय एवं राजू, अर्जुन का बेटा मुरली मनोहर, पंकज घायल हो गए।
थोड़ी दूरी पर दूसरे बम के फटने से बर्तन व्यवसायी इंदर सैन का पुत्र उमाशंकर अग्रवाल घायल हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि उमाशंकर के हाथ के चीथड़े उड़ गए। दूर-दूर तक विस्फोट की आवाज सुनाई दी।
भगदड़ और अफरा तफरी भरे माहौल में देखते ही देखते कसबे की सड़के सुनसान हो गई। सूचना पाकर पुलिस घटना स्थल पर पहुंची।
पुलिस यहां छानबीन कर रही रही थी कि मुहल्ला बलदेव गंज में एक और विस्फोट हो गया। एसएसपी और अन्य अफसर भी मौके पर पहुंच गए।
भारी पुलिस फोर्स और अफसरों की मौजूदगी के बावजूद रात करीब 11 बजे मुहल्ला रामनगर में एक और धमाका बम फेंककर किया गया। कसबे में इन विस्फोटों से लोग दहशत में हैं।
गत वर्ष एक जून को कसबे में दंगा हुआ था। ऐसे में दो दिन पहले इन धमाकों को उसकी बरसी से जोड़कर, माहौल खराब करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
डीएम-एसएसपी करेंगे संयुक्त मीटिंग
आईजी जोन आशुतोष पांडेय ने बताया कि कोसी में सुतली बम से तीन जगह विस्फोट किए गए हैं। इसमें चार लोग घायल हुए हैं। कसबे में सतर्कता बरती जा रही है।
कोसी दंगे की बरसी के मद्देनजर मामला और गंभीर हो गया है। शुक्रवार को मथुरा के डीएम और एसएसपी कोसी में सुबह 11 बजे संयुक्त मीटिंग करेंगे। कोसी में दो कंपनी पीएसी शुक्रवार से तैनात की जाएगी।

Saturday, May 25, 2013

भारत का हैदराबाद पाकिस्तान का हैदराबाद बनता जा रहा है?


भारत का हैदराबाद पाकिस्तान का हैदराबाद बनता जा रहा है?
भारत के हैदराबाद में स्थित एक विश्वविद्यालय में “गऊ मांस उत्सव” मनाया गया और वहां की पुलिस ने आयोजकों पर कार्यवाही करने की जगह इस घृणित कांड का विरोध करने वाले विद्यार्थियो पर कार्यवाही की। इस खबर को पढ कर किसी भी व्यक्ति की पहली प्रतिक्रिया यही होगी कि यह खबर पाकिस्तान के हैदराबाद की होगी जहां गैरमुस्लिमो की भावना का सम्मान नहीं होता और वहां का मुस्लिम समाज उन पर मनमाने अत्याचार करता है। वहां पर मुस्लिम समाज के द्वारा मंदिरो पर हमले होते है, दिन दहाडे गाय काटी जाती है, हिन्दुओं की लडकिया उठाई जाती हैं और हिन्दु विरोधी भाषणों की भरमार रह्ती है। किंतु अगर कोई हिन्दू अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के विरोध मे आवाज उठाने की हिम्मत करता है तो उसकी आवाज कुचल दी जाती है।या तो उसे कट्टरपंथी जान से मार देते है या” ईश-निन्दा” के आरोप मे उसे कानूनन प्राण दंड दिया जाता है । अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भी इस अत्याचार के विरोध मे कोई आवाज सुनाई नहीं देती।
आज भारत के हैदराबाद में भी यही स्थिती निर्माण करने की कोशिश की जा रही है। मुस्लिम कट्टरपंथी आज वही सब काम करने की कोशिश करते है जो केवल पाकिस्तान मे ही संभव है। दुर्भाग्य से यहां के सेक्युलर राजनीतिक दल मुस्लिम वोटों के लालच में इन कट्टरपंथियों पर लगाम लगाने की जगह इनके हाथ की कठपुतली बनकर हिंदू समाज पर अमानवीय अत्याचार करते है । अगर हिंदू समाज के कुछ लोग इसका विरोध करते है तो सबसे पहले मुस्लिम कट्टरपंथी उन पर हमला करते है और उसके बाद प्रशासन उनके गुलाम की तरह हिन्दू नेताओं पर झूठे केस बनाकर उनकी आवाज को निर्ममता से कुचलने की कोशिश करता है । उस समय देश के मानवाधिकारवादियो को लकवा मार जाता है , तथाकथित बुद्धिजीवियो की जबान सुन्न हो जाती है और “राष्ट्रीय” मीडिया के सिपाही कुम्भकर्णी नींद मे सो जाते हैं। वैसे तो निजामशाही के समय से ही वहा पर हिन्दू समाज की स्थिती दूसरे दर्जे के नागरिक की थी। आजादी के बाद सोचा गया था कि अब स्वतन्त्र भारत मे सभी नागरिकों स्थिती समान होगी और एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में सभी धर्मावलम्बियो के साथ समान व्यवहार होगा। परन्तु शासको के बदलने के बावजूद हिन्दू समाज की नियति नही बदली। पहले वह मुस्लिम शासको द्वारा इस्लाम के नाम पर कुचला जाता था , अब उसका दमन धर्मनिरपेक्षता के नाम पर किया जाता है। वहा पहले भी गऊ हत्या खुले आम होती थी, अब भी उस पर रोक लगाने का काम करने वाले कानून की निगाहों में अपराधी माने जाते है। पहले भी वहां हिन्दू मन्दिरो पर हमले किये जाते थे , अब भी वे अपनी ताकत दिखाने के लिये सबसे पहले हिन्दू मंदिरो पर ही हमला करते है और कानून के रखवाले सोते रह जाते हैं। विश्व मे कही भी मुस्लिम समाज का झगडा हो , उसका सबसे पहले नजला हैदराबाद के हिन्दू समाज पर ही उतारा जाता है। मक्का मे शिया-सुन्नी विवाद हो या हजरत बल की चोरी का मामला हो,भुट्टो की फांसी का मामला हो या जनरल अयूब की विमान दुर्घटना मे मौत हो, ओसामा के विरुद्ध अफगानिस्तान मे अमेरिका द्वारा कार्यवाही हो या पाकिस्ता्न मे घुसकर ओसामा को मौत की सजा हो, संसद पर हमला करने वाले अफ्जल गुरू को फांसी की सजा हो या सिमी पर प्रतिबंध लगाया हो, सल्मान रश्दी द्वारा सैटानिक वर्सेज लिखा गया हो या तस्लीमा नसरीन द्वारा लज्जा का लेखन हो, ६ दिस.१९९२ को बाबरी ध्वंस की गौरवशाली घटना हो या गोधरा मे ५९ हिन्दूओ की निर्मम हत्या के बाद गुजरात के समाज का प्रतिकार हो, इस प्रकार की सभी घटनाओं में पहले हैदराबाद के हिन्दू मन्दिरो पर हमला होता है और उसके उनकी दुकाने जलाई जाती हैं और उनकी बहन बेटियों की अस्मत को लूटने की कोशिश की जाती है। शायद मुस्लिम समाज वहा के हिन्दू को गली का कुत्ता समझने की कोशिश करता है जिस पर गली के बिगडैल बच्चे सबसे पहले अपना गुस्सा निकालते हैं। परन्तु १९४७ के बाद भी इन सब जघन्य अपराधो को करने वाला कोई भी अपराधी पकडा नहीं गया अपितु उनको राजनीतिक संरक्षण ही मिला है।
इसी का परिणाम है कि आज हैदराबाद जेहादी आतंकवादियो का अभयारण्य बन गया है। सम्पूर्ण भारत मे कही भी आतंक की घटना करने वाले यहीं पर शरण पाते हैं। यहां की पुलिस उनके संरक्षक के रूप में काम करती है और अगर किसी अन्य राज्य की पुलिस इन आतंकियो को पकडने के लिये यहा आ भी जाये तो यहां का मुस्लिम समाज उनकी ढाल बनकर सुरक्षा बलो का मुकाबला करता है। गोधरा कांड को अंजाम देने वाले हो या संसद पर हमला करने वाले हो, सूरत मे बम विस्फोट करने वाले हो या पुणे मे आतंक फैलाने वाले हो सभी यहा सम्मान और सुरक्षा के साथ रहते है जब तक कि उन राज्यो या केन्द्र के सुरक्षा बल वहा नहीं पहुंच जायें। इसीलिये कई बार लोग हैदराबाद को मिनी पाकिस्तान भी कहते हैं।
पिछले दिनो भाग्यलक्ष्मी मंदिर मे पूजा हो रही थी । तभी नमाज का समय भी हो गया। मौलवी के धमकाने पर वहा की पुलिस के कुछ सिपाहियो ने मंदिर की घंटियां पकड ली। इस घटना के विरोध मे वहा का हिन्दू आक्रोशित हो गया और अगले ही दिन हजारो युवक उस मन्दिर के बाहर एकत्रित हो गये और कई घन्टे तक वहा की घंटियां बजाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। उसके बाद वहां रामनवमी की शोभायात्रा निकालने का अवसर आया । वहा के मुस्लिम सांसद और विधायक ने इस प अपना विरोध जताया। उनके विरोध के कारण प्रशासन ने इस पावन शोभायात्रा को अनुमति नही दी। हिन्दू समाज ने इसको चुनौती के रूप मे लिया और लाखो की संख्या मे इस शोभा यात्रा मे हिन्दुओं ने भाग लिया। इसके बाद हनुमान जयन्ति के पावन दिवस पर निकलने वाली शोभा यात्रा के साथ भी जब यही व्यवहार हुआ तो हिन्दू समाज ने इसका भी उसी तरीके से जवाब दिया। ऐसा लगता है कि अब हिन्दू अपने ही देश मे अपने साथ हो रहे इन अपमानो से थक चुका है। वह अब इन देश विरोधी और हिन्दू विरोधी शक्तियो का मुंह तोड जवाब देने का मानस बना चुका है। शायद हिन्दू का यह जागरण मुस्लिम नेताओं को हजम नहीं हुआ और हनुमान जयंति के अगले ही दिन एक गाय की हत्या कर उसका कटा सिर एक मंदिर मे फेंकने का दुस्साहस किया गया। जब वहा के कुछ युवको ने इस घटना के विरोध मे प्रदर्शन किया तो उन पर हमला कर के ४ लोगो को गम्भीर रूप घायल कर दिया। इस हमले का नेतृत्व करने वाले वही लोग थे जिन्होने हरेन पण्ड्या की हत्या की थी परन्तु प्रशासन उनको अभी तक नहीं पकड पाया है। इसके बाद उस्मानिया विश्वविद्यालय मे ”गऊ मांस उत्सव” मनाने का दुस्साहस किया गया। इसका भी हर प्रकार का विरोध किया गया। परन्तु इस मामले में भी अपराधी आजाद है और विरोध करने वालो को ही गिरफ्तार किया गया है।उस्मानिया विश्वविद्यालय के इन लोगो को कभी हैदराबाद की इज्जत का ध्यान नही आया क्योंकि अब यह शहर अरब के शेखो की वासना की मन्डी बन चुका है। इन पथभ्रष्टों को कभी आतंकवाद या बंग्लादेशी घुसपैठिया विरोधी दिवस मनाने का नहीं सूझा। शायद ये लोग इन राष्ट्र विरोधियो के साथ मिलकर न केवल हिन्दू समाज अपितु भारत के विरोध मे ही काम कर अपने जीवन को धन्य समझते हैं।

भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने की गहरी शाजिश

भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने की गहरी शाजिश रची जा रही है.इस्लामी शक्तियां कैसे यह शाजिश रच रही हैं इसका एक नमूना इन दिनों देश की वहाबी मस्जिदों में पढ़ा जा रहा यह ख़त है .अगर आपके पास थोडा भी समय हो तो पाकिस्तान से आए हुए इस पत्र-जो की भारत की
3.5 लाख वहाबी मस्जिदों मे हर जुम्मे को पढ़ा जाता है ...ज़रूर पढ़ें ..और
आप ना भी पढ़े तो कम से कम अपने मासूम बच्चों को ज़रूर पढ़ाएँ... ताकि वो अपनी जिंदगी..एक मासूम बनकर ना जिएं


उर्दू फारसी पत्र की सत्यप्रति
786
पैगाम इस्लाम


आप सबको गुजारिश है कि हमने हिन्दुस्तान पर 800 साल हुकूमत की है। अब भी
हमारी हुकूमत चलती है पर सीधी तरह से नहीं। सब पार्टियां और इनके काफिर
नेता हमारे इशारे पर नाचते हैं। हमको आज मदरसों, मस्जिदों और हज के लिये
पैसा मिलता है। 2004 के चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी मगर हमारी
पूरी हुकूमत तो तब मानी जायेगी जब पूरा हिन्दुस्तान इस्लाम के झण्डे के
नीचे होगा। इसलिये हर मुसलमान का फर्ज है कि खाना जंगी के लिये तैयार रहें।
इसके लिये हथियारों के अलावा बम्ब बनाना सीखें और कुरान के 24 आयतें रोज
पढ़ें और उसी के मुताबिक काफिरों के मारने, जलाने और धोखे से पकड़ने का काम
सरंजाम दें और उनको लूट और उनकी औरतों को भगा कर शादी करें। गोयह सिलसिला
70 साल से चल रहा है। पूरा जोर तब लगायें जब खाना जंगी के लिये आईएसआई और
सिमी के लिये हुकुम देंगे। हर मुसलमान को दूसरा कलमा रोज पढ़ना चाहिये। वो
यह है- हंस के लिये लिया है पाकिस्तान और लड़के लेंगे हिन्दुस्तान। अगरचे
मदरसा जैल बातों पर आप लोग चल रहे हो फिर भी तबज्जो दें।

1-बिजनौर
यू0पी0 फार्मूलाः- यहां पर मुसलमान जवान लड़के हिन्दुओं से दोस्ती करके
अपने घर बुलाकर मछली, मुर्गा खिलाते हैं और फिर काफिरों के घर उनकी औरतों
से यारी करके फंसाते हैं। ये औरतें मुसलमानों को माल भी खिलाती हैं और पैसा
भी देती हैं। बहुत सी काफिर लड़कियों ने मुसलमानों से शादी कर ली है। वाह
अल्ला तेरा शुक्र है। औरत को ताज चाहिये न तख्त लौडा चाहिये सख्त।


2-बोतल फार्मूला- गरीब बस्तियों में काफिरों को ज्यादा शराब पिला कर नामर्द
बनाओ और उनकी औरतों से ऐश करो। 9 करोड़ चमार वगैरा तो मुसलमानों से मिल
चुके हैं और उनकी औरतें तो आराम से मुसलमानों के बगल में आ जाती हैं।
3ः- चोरी डकैती- काफिरों के घरों में धोखा देकर चोरियां करो उनके खेतों की फसल काटो और उनके जानवरों की भी चोरी करो।


4-शहरी फार्मूला-(1) मुसलमान अकल से काम लें, अपने छोटे लड़कों को काफिरों
के घर नौकर रखो और 25/25 बच्चे कैसे पालोगे, 8/10 साल के बाद आपके बच्चे
जवान होकर घर की हिन्दू औरतों से दोस्ती करेंगे और ऐश के साथ-साथ पैसा भी
खूब मारेंगे।
शहरी फार्मूला-(2) मुसलमान जवान नौकर, ड्राइवर, खानसामा,
रोटी पकाने वाला, माली, चैकीदार बन हिन्दू नामों से रहो और मौका मिलते ही
उपर वाली बातों पर अमल करें। इसके अलावा उनकी गाड़ियों, स्कूटरों वगैरा भी
चोरी कर सकते हैं। ये शहर के इमाम से हर तरह के उस्तादों का पता लग जायेगा।
काफिरों को जब पता लगा अपनी औरतों के बारे में पता लगा तो उन्होंने नौकरी
से निकालने की कोशिश की तो औरतें ही कहने लगी-अच्छा भला ईमानदारी से काम
करता है इसे नौकरी से क्यों निकालते हो। कई बार औरतें मुसलमानों के साथ भाग
गईं। कई मुसलमान निकाले जाने के बाद दिन में जब काफिर घर पर नहीं होते आकर
ऐश, ईशरत करते हैं। माल खाते हैं और पैसे भी ले जाते हैं। या अल्ला तेरा
शुकर है तूने किसलिये हिन्दू को अंधा बनाकर रखा है, जिसको पैसा कमाने के
अलावा कुछ भी नजर नहीं आता। ये इस्लाम की जीत है।
जेहाद- खाना जंगी के
जेहाद में यदि मुसलमान शहीद होगा तो उसे जन्नत मिलेगी, अगर जिन्दा बचता है
तो हिन्दुस्तान के काफिरों की सारी जायदादें मुसलमानों को मिलेंगी और सारी
हिन्दू औरतें भी मिलेंगी तो यह भी जन्नत होगी। जैसे पाकिस्तान, कश्मीर और
बांग्लादेश की सब कोठियां बंग्ले मुसलमानों को मिले थे। जेहाद के लिये 2
लाख सीमी के जवान 1 लाख अलकायदा के लिये मुसलमान तैयार हैं। अब हम 20 करोड़
हो गये हैं इसके अलावा 5 करोड़ बंग्लादेशी जिसमें 1 लाख टेररिस्ट हैं।
इसलिये घबराने की जरूरत नही है। हिन्दुस्तान की मिलिट्री में भी काफी
मुसलमान हैं और बहुत से तो हिन्दू नामों से भर्ती हैं। पुलिस में भी काफी
मुसलमान हैं और वक्त आने पर काफिरों को दोजख पहुचायेंगे।
आम हिन्दू
लोगों में मुसलमानों के लिय नरम रूख है जिसकी वजह उपर बतायें है हिन्दू
औरतों से दोस्ती है। केरल, मद्रास और हैदराबाद में काफी असलाह पाकिस्तान और
अरब मुल्कों से आ चुका है। बिहार में चीन और बांग्लादेश से 60 हजार एके-47
आ चुकी हैं। इसलिये लाल किला पर झण्डा जल्दी झूलेगा। अरब मुल्कों में
हिन्दू औरतों को नर्स, आया, खाना बनाने वाली बनाकर ज्यादा से जयादा भेजें।
अच्छी तनख्वाह के लालच में गरीब व दरम्यान घर की लड़कियां खुशी से जाती हैं
और वहां जाकर रात को सारी की सारी अरबों के पास सो जाती हैं और मुसलमानों
की आबादी बढ़ाने में काफी मददगार हैं। हिन्दू लड़की से शादी, हिन्दू लड़की
जो भगाकर लायी जाये उसे 2 दिन भूखा रखें फिर अच्छा-अच्छा खाना दें। उनकी
सतत या खतना जरूर करायें। अगर उसके रिश्तेदार कोर्ट केश करें तो कोर्ट में
ले जाने से पहले 50/60 बंदूकों के हथियार दिखायें और खबरदार करें। अगर
हमारे खिलाफ बयान दिये तो तेरे भाई और खानदान को भून देंगे। ऐसी लड़की को
वश में करने वाले ताबीज पहनाना न भूलें। ये भी कमाल का काम करता है।


हरियाणा के मुसलमानों का कमाल- गांधी की मेहरबानी से मेवात के मुसलमान
पाकिस्तान नही गये थे। पिछले 15 सालों से40 लाख मुसलमान बिहार, यूपी,
राजस्थान में आकर बस गये हैं। 70 फीसदी तो हिन्दू नामों से रह रहे हैं और
उपर लिखी बाते अच्छी तरह सरजाम दे रहे हैं। पंजाब में भी लाखों मुसलमान
पहुंच चुका है। वक्त आने पर ये सब जेहाद के लिये कुरान के मुताबिक काफिरों
को दोजख पहुचाने के लिये तैयार हैं। अल्ला हमारे साथ है।
काफिरों का
बंटवारा- वैसे तो हिन्दू जांत-पांत में बंटा है आप लोग चमारों के दिमाग में
हिन्दुओं के लिये खूब नफरत भरें जिन्होंने इनके उपर सैकड़ों साल जुल्म
ढाये। मुसलमानों शाबास। बीएसपी को जीताकर भाजपा को धूल चटाकर दी। अब चमार
हिन्दू से खूब बदला ले रहे हैं। तुमने पहले मुलायम सिंह जो एक मुसलमान
पहलवान की औलाद है से खूब काम लिया और उसकी गांड भी मारी। अब मायावती से
खूब काम निकलवायें। मुसलमानों के काम निकलवाओ और मायावती की दोनों तरफ से
मारो। इस्लाम में औरतों के आगे-पीछे का इस्तेमाल करना जायज है।
आसाम और
कश्मीर- आसाम और कश्मीर पर तो मुसलमानों का कब्जा हो चुका है।सारे बुतखाने
तोड़ दिये गये हैं। महलों व सड़कों का नाम बदलकर जिन्हा रोड व अली रोड कर
दिये हैं। आसाम पर भी काफी हद तक मुसलमानों का कब्जा है। काफिरों का कत्ल
करके दहशत फैला कर भगाया जा रहा है। इस तरह कश्मीर की तरह हिन्दुओं की
जायदाद व औरतें अल्ला की फजल से हम मुसलमानों को मिल रही हैं। सारे
हिन्दुस्तान को इस्लाम के झंडे के नीचे लाने के लिये संघ जैल है।


पाकिस्तानी फार्मूला- सन् 1947 में हमारे जवानों ने काफिरों के छोटे-छोटे
बच्चे आसमान में उछालकर नैजे व भाले पर लिये थे। इनकी औरतों के साथ 10/10
मुसलमानों ने जिन्हा किया था और अल्हादानी लोहे की नोहर गर्म करके लाल-लाल
उनके थनों पर चिपकाई गई थी। कई औरतों के थन काट दिये थे। उनके बच्चों को
मारकर पकाकर खिलाया भी था। राजीव गांधी के राज में फार्मूला काश्मीर में
आजमाया गया। नतीजा यह निकला कि साढ़े तीन लाख पण्डितों से कश्मीर 2 दिन में
खाली हो गया और करोड़ों बल्कि अरबों रूपये की काफिरों की जायदाद पर
मुसलमानों का कब्जा हो गया।
जेहाद में औरतों के लिये खास दस्ता-
मुसलमान जवान का यह दस्ता स्कूटर कार छोटे ट्रक वगैरा पर हिन्दू देवताओं की
फोटों चिपकाकर रखें। ड्राइवर व कंडक्टर हिन्दू वेश में हो। जब अफरा-तफरी
फैले तो काफिरों को जिनमें औरतें ज्यादा हों मुसलमान मोहल्लों में भगाकर ले
जायें। औरतें को वहां पहुंचा दी जायें। काफिर मर्द और बच्चे मारकर दोजख
भेज दें। ये नुस्खा 40 साल पहले अहमदाबाद में आजमाया गया था, उस समय वाई वी
चैहान होम मिनिस्टर थे। इसी दस्ते के लिये जयपुर फार्मूला कई साल पहले
हमारे मुसलमाना जवानों ने जयपुर में फसाद शुरू किये थे और हिन्दू घरों से व
लड़कियों के स्कूलों से उठा ली थी। 6 माह बाद जब 2/3 लड़कियों ने अपने घर
खबर भेजी तो खानदान के उन लोगों ने उन लड़कियों को वापस लेने से इन्कार कर
दिया। 1948 में जब हिन्दू मिलिट्री, हिन्दू औरतों को निकालकर हिन्दुस्तान
लाई तो उनके खानदान वालों ने लेने से इंकार कर दिया। इस वास्ते कुछ ने तो
खुदकुशी कर ली। ये सब मुसलमानों के लिये अच्छा हुआ। इसके लिये हिन्दुओं की
दाद देनी चाहिये।
मुसलमानों और हिन्दुओं के मरने की निस्बतः- जब
पाकिस्तान बना तो एक मुसलमान शहीद हुआ था। काफिर मारे गये थे अब तो बम्बों
और एके 47 का जमाना है, अल्ला ने चाहा तो एक मुसलमान के मारे जाने पर 100
हिन्दू मरेंगे अल्ला हमारे साथ है। मुसलमानों को अल्ला का शुक्रगुजार होना
चाहिये कि वो सब भूल गयें अल्ला ने उसका दिमाग बड़ा कमजोर दिया है। इसलिये
हमने 800 साल हुकूमत की और इन्सा अल्ला फिर करेंगे। इस बात से साबित होता
है कि अल्ला भी चाहता है कि मुसलमानों को हिन्दुस्तान की हुकूमत मिले और
हिन्दुओं की औरत को जन्नत मिले। चीन, पाकिस्तान और बंग्लादेश से हथियार व
नकली नोट हम मुसलमानों की मदद के लिये अल्ला भिजवा रहा है। हिन्दू अफसर और
पुलिस वाले इसी पैसे से अंधे बना दिये जाते हैं। यह खत मस्जिदों में जुमे
के रोज सब मुसलमानों को सुनाया जाये। खाना जंगी के वक्त पाकिस्तान, चीन,
बांग्लादेश व नेपाल भी हमारी मदद के लिये हिन्दुस्तान पर हमला बोल देंगे।
नेपाल में काफी मंदिर तोड़ दिये गये हैं और आईएसआई की मदद से काफी लोग
मुसलमान हो गये हैं।
कलावा मोटर साईकिल-मुसलमान जवानों को चाहिये अपने
हाथ में कलावा बांध कर अपना नाम बदलकर हिन्दू नाम अपना लें। मोटर साईकिल पर
सवार होकर हिन्दू मोहल्ले में कालेजों और स्कूलों के पास खड़े होकर हिन्दू
लड़कियों से इश्क लड़ायें। होटलों में भी खुद भी ऐश करें और उनसे काल
गर्ल्‍स का काम लें। इस कमाई से कुछ हिस्सा हथियारों पर खर्च करें। कारों
वाले भाई जान भी करें। अरब मुल्कों में इसके लिये काफी पैसा हम तक पहुंच
रहा है।
भाजपा का डर था कि वो कुरान की 24 आयतें कहीं छापकर नहीं बांटे
मगर अल्ला की मेहरबानी से वो अंधे हो गये और नहीं बांट सके। अल्ला तेरा
शुकर है कि भूल कर भी सिखों को न छेड़ें। ये जालिम होते हैं बल्कि चक्कर
चलाकर उनको हिन्दुओं से दूर रखें। 80 साल के ये सिंधी पंजाबी बड़े नेक
इंसान हैं, गरीब मुसलमानों की मदद करते हैं। ये खत किसी हिन्दू को न
दिखायें।
आपका खादिम


सुलतान मियाँ कटघर – मुरादाबाद यू0पी0
(यह पत्र जिला मेवात, बड़खल चैक से प्राप्त हुआ

Saturday, May 18, 2013

धर्मनिरपेक्षता क्या सिर्फ हिंदुओं के लिए है......?

मूर्ख हिन्दूओ ये हैं सेकुलर गद्दारों को वोट देने का दुशपरिणाम ममता बनर्जी ने कोलकाता के नेताजी स्टेडियम में अल्पसंख्यक विकास कार्यक्रम में ऐसी घोषणा की, जो बंगाल को बांग्लादेश बनाने के लिए काफी है।

1. 9-12 पास मुस्लिम लड़की के लिए मुफ्त साईकिल
2. मदरसा से पास होने पर मुफ्त लैपटॉप
3. मदरसा में 10000 की छात्रवृति
4. इमाम का भत्ता 2500 से 5000 प्रति महीने
5. मस्जिद सेवक को 3000 प्रति महीने
6. मुस्लिमों को 5 लाख तक की लोन
7. राज्य में 3000 नए मदरसा खोलने की अनुमति
8. बिना घर और जमींन वाले इमाम को मुफ्त घर और जमींन
9. 24 प्रखंड में मुस्लिम अस्पताल



** धर्मनिरपेक्षता क्या सिर्फ हिंदुओं के लिए है......???

1-लगभग सभी हिंदू नेताओं को मुस्लिम हितों की बात करते
हुए देखा जा सकता है पर क्या आपने कभी किसी मुस्लिम
नेता को हिंदू हितों की बात करते हुए देखा है....?......... नहीं

2-बहुत से हिंदुओं को वालेकुम सलाम कहते सुना होगा पर
कभी किसी मुस्लिम को जय ''श्रीराम'' या ''हरि ओम'' कहते
सुना है?.... नहीं ..नहीं

3-बहुत से हिंदुओं को मजार या मस्जिद के बाहर माथा टेकते
देखा होगा पर कभी किसी मुस्लिम को मंदिर में माथा टेकते हुए
देखा है?...नहीं ..नहीं ... नहीं

4-बहुत से हिंदू नेताओं को मुस्लिम टोपी पहन के
लोगों को धर्मनिरपेक्षता की टोपी पहनाते हुए देखा होगा पर
क्या कभी मुस्लिम नेताओं को तिलक लगाते देखा है
आपने?...... नहीं ..नहीं ..नहीं,, नहीं .. नहीं
और अपनी जिन्दगी में देख भी नहीं पाऊंगा सारे
सवालों का जवाब --नहीं है -तो फिर ये
धर्मनिरपेक्षता की टोपी क्यों पहने हैं आप?

उतार के मार फेंकिये- उनके मुँह पर जो हमें बरगलाते हैं और
अपना उललू सीधा करते हैं"खामोश मिजाज़ी तुम्हे जीने
नहीं देगी इस दौर में जीना है तो कोहराम मचा दो".

इस्लाम के बारे में विभिन्न विचारकों के विचार

इस्लाम के बारे में विभिन्न विचारकों के विचार

गुरु नानक देव जी

मुसलमान सैय्यद , शेख , मुगल पठान आदि सभी बहुत निर्दयी हो गए हैं । जो लोग मुसलमान नहीं बनते थें उनके शरीर में कीलें ठोककर एवं कुत्तों से नुचवाकर मरवा दिया जाता था ।
-नानक प्रकाश तथा प्रेमनाथ जोशी की पुस्तक पैन इस्लाममिज्म रोलिंग बैंक पृष्ठ ८०

सरदार वल्लभ भाई पटेल

मैं अब देखता हूं कि उन्हीं युक्तियों को यहां फिर अपनाया जा रहा है जिसके कारण देश का विभाजन हुआ था । मुसलमानों की पृथक बस्तियां बसाई जा रहीं हैं । मुस्लिम लीग के प्रवक्ताओं की वाणी में भरपूर विष है । मुसलमानों को अपनी प्रवृत्ति में परिवर्तन करना चाहिए । मुसलमानों को अपनी मनचाही वस्तु पाकिस्तान मिल गया हैं वे ही पाकिस्तान के लिए उत्तरदायी हैं , क्योंकि मुसलमान देश के विभाजन के अगुआ थे न कि पाकिस्तान के वासी । जिन लोगों ने मजहब के नाम पर विशेष सुविधांए चाहिंए वे पाकिस्तान चले जाएं इसीलिए उसका निर्माण हुआ है । वे मुसलमान लोग पुनः फूट के बीज बोना चाहते हैं । हम नहीं चाहते कि देश का पुनः विभाजन हो ।
-संविधान सभा में दिए गए भाषण का सार ।

गुरूदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर
ईसाई व मुसलमान मत अन्य सभी को समाप्त करने हेतु कटिबद्ध हैं । उनका उद्देश्य केवल अपने मत पर चलना नहीं है अपितु मानव धर्म को नष्ट करना है । वे अपनी राष्ट्र भक्ति गैर मुस्लिम देश के प्रति नहीं रख सकते । वे संसार के किसी भी मुस्लिम एवं मुस्लिम देश के प्रति तो वफादार हो सकते हैं परन्तु किसी अन्य हिन्दू या हिन्दू देश के प्रति नहीं । सम्भवतः मुसलमान और हिन्दू कुछ समय के लिए एक दूसरे के प्रति बनवटी मित्रता तो स्थापित कर सकते हैं परन्तु स्थायी मित्रता नहीं ।
- रवीन्द्र नाथ वाडमय २४ वां खण्ड पृच्च्ठ २७५ , टाइम्स आफ इंडिया १७-०४-१९२७ , कालान्तर

Thursday, May 9, 2013

मुसलमानों को तो बस अपनी कौम प्यारी है.., देश - नही.







जब संसद सत्र की समाप्ति के बाद जब राष्ट्रगीत वंदेमातरम् गाने की धुन के लिए जब सारे सांसद खड़े हुए तब सांसद हाफिज अब्दुर रहमान और असद्दुदीन ओबैसी बिना राष्ट्रगान गाये चल दिए,

जब भारत माता का गुणगान इन्हें उचित नहीं लगता तो क्या ये लोग इस देश की मिटटी में रहने के अधिकारी है ?








मुसलमानों को तो बस अपनी कौम प्यारी है..,

देश - नही..।




नरेन्द्र मोदी टोपी न पहने तो वो साम्प्रदायिक, मुल्ला राष्ट्रगीत वन्देमातरम न गाये तो उसका धार्मिक मामला, भाड़ में जाए ऐसा धर्म और उनकी भावनाएं.............




शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि इस्लाम के खिलाफ है वंदे मातरम.......और मैं कहता हूँ कि ऐसी मानसिकता हिंदुस्तान के खिलाफ है...............अब इस्लाम को महत्व देना है तो वहाँ जाओ जहां इसको महत्व मिलता हो और देश को महत्व देना है तो वंदे मातरम का सम्मान करो।




अगर आप भारतीय हैं -तो जरुर सोचने की कृपा करें ****
१- कल 8 मई को संसद में 2 मुस्लिम सांसदों ने किया "रास्ट्रगीत " का अपमान ---अब इसको भी सेकुलर कीड़े -मकोड़े- धर्मनिरपेक्षता ही कहेंगे -और इसको देश की अस्मिता से ना देखकर -मज़हब के चश्मे से देखंगे
२ हम सवाल उठा रहे हैं-कि संसद में इन 2 सांसदों ने ये निंदनीय अपराध क्यों किया? -सविंधान का ही अपमान नहीं किया बल्कि देश की आत्मा को चोट पहुंचाई है।किसके कहने पर ये अपराध किया है ? क्या इनको भारत छोड़कर किसी और मुल्क में नहीं चले जाना चाहिए ? क्या इन पर देशद्रोह का मुकदमा नहीं चलना चाहिए ? चलना चैये -- केवल चेतावनी देने से बात नहीं बन सकती है
३-अब फिर से ऊपर वाले "सेकुलर कीड़े -मकोड़े" -हमारी इस मांग को"साम्प्प्रदायिक ता "से जोड़ देंगे कोई बात नहीं --- अगर सच को सच कहने के लिए -हमें कोई साम्प्रदाइक कहता है ..तो कहता रहे ..

संसद से वन्देमातरम का विरोध करके वाक्-आऊट करने वाले दोनों मुल्ले सांसदों के खिलाफ मीडिया तो कुछ कहेगा नहीं (क्योंकि ऐसे विषयों पर बात करने में उसे घबराहट भी होती है, और "मम्मी" का आदेश भी नहीं है)...

============
लेकिन सवाल यह है कि दिल्ली में बैठे "पंजा छाप भाजपाई नेता" इस मुद्दे पर अभी तक क्या बोले हैं??? क्या उन दोनों सांसदों के खिलाफ को प्रस्ताव लाए हैं? या संसद में लाने का कोई विचार है? क्या दोनों सांसदों के निवास पर कोई तगड़ा प्रदर्शन किया है? आखिर क्या किए हैं??

अभी तो ये लोग पार्टी को गिराते-गिराते 115 पर लाए हैं... सिर्फ गुजरात-मप्र-छग ही हाथ में बचा है.... और कितना नीचे ले जाएंगे पता नहीं...

वाकई "सेकुलरिज्म" बड़ी खतरनाक बीमारी है, सीधे ले डूबती है...




"वन्दे मातरम कहना इस्लाम के खिलाफ है इसलिए मैं आगे भी ऐसा ही करूँगा" बसपा सांसद बर्क-
1. पर लोकतंत्र भी इस्लाम के खिलाफ है और चुनाव लड़ना और मंत्री बनना भी इस्लाम के खिलाफ है तो आप क्यूँ चुनाव लड़ते है अभी के अभी इस्तीफा दे देना चाहिए।
2. पर इस्लाम मैं तो दारुल ए हराम (गैर इस्लामिक शाशित देश) मैं रहना भी हराम है तो आप इस देश मैं क्यूँ रह रहे है आज की आज पाकिस्तान चले जाए।
3. पर इस्लाम मैं तो मूर्ती पूजको के साथ दोस्ती रखना भी हराम है तो आप मूर्ती पूजको के वोट को क्यूँ मांगते है और मूर्ती पूजको के साथ संसद मैं क्यूँ बैठते है।
और भी बहुत कुछ गैर इस्लामिक काम करते है पर वो व्यक्तिगत लाभ के लिए गैर इस्लामिक नहीं है पर वन्दे मातरम कहना गैर इस्लामिक है क्योंकि इससे राजनीती मैं मुस्लिम वोट बड़ते है और हिन्दू तो वैसे ही जात के नाम पर वोट दे देंगे।




1. बिहार और मध्य प्रदेश मैं कहते है सूर्य नमस्कार इस्लामिक नहीं है इसलिए बंद कर दो ,
2. हेदराबाद मैं कहते है मंदिरों की घंटियों से हमको नमाज पड़ने मैंदिक्कत होती है। राम नवमी और हनुमान जयंती की पूजा से दिक्कत है।
3. फैजाबाद मैं दुर्गा जी की मूर्ती के विसर्जन से दिक्कत है
4. कोसी मैं मीठे पानी की छबील से दिक्कत है और उसमें थूक दिया जाताहै और मन करने पर दंगे किये जाते है।
5. बरेली मैं कवादियो के बम बम भोले बोलते हुए जाने से दिक्कत है।
6. संसद मैं वन्दे मातरम बोलने से दिक्कत है।
7. मध्य प्रदेश मैं बच्चो को भग्वद गीता पड़ने से दिक्कत है पर मदरसों मैं कुरान पड़ने की आजादी चैये
8. देश मैं गाय काटने पर रोक लगानेसे दिक्कत है। गाय काटने और खाने की आजादी चैये।
9. आतंकवादियों को फंसी देने से दिक्कत है।
10. कवादियो के उनके गाँवो से निकलने से दिक्कत है इस लिए उनकी कावड़ पर खून फेंक कर ख़राब किया जाता है।
11. हमारे राम मंदिर के बन्ने से दिक्कत है
12. कार सेवको के भजन से दिक्कत हैइसलिए उनको रेल मैं जिन्दा जल दिया जाता है।
इनको हमेशा दिक्कत रहेगी और हम ऐसे ही सहते रहेंगे रोते रहेंगे क्योंकि हम कांग्रेस के गुलाम है।





इस्लामी तथ्य

कुछ तथ्य 

जैसे की मुल्ले दाढ़ी रखते है! (महमद दाढ़ीधारी था और एक विशिष्ट प्रकार से उस पर हाथ घुमाता था, मुस्लिम भी ठीक वैसे ही अपनी दाढ़ी पे हाथ घुमाते है)

*. उस दाढ़ी को लाल रंग में रंगते है (क्योंके महमद लाल डाई का उपयोग करता था),

*. इस्लामिक टूट ब्रश का उपयोग करते है जिसे मिस्वाक कहते है (महमद इसका उपयोग करता था)

*. बड़े भाई का कुरता (घुटनों के नीचे तक आने वाला लंबा झब्बा) और छोटे भाई का पैजामा (छोटा पैजामा जिसमे पैरों की एडिय दिखती है) पहनते है (बिलकुल महमद जैसा)!

*. बैठ कर मूतते है और ईट को अपने लूली पे विक्षिप रूप से घुमाते है जैसे महमद करता था!

*. नदी के तट पे घर हो फिर भी ये मुल्ले जुम्मे से जुम्मे क्यों नहाते है? ये भी आप समझ चुके होगे! इतना भी नही सोचते की रेगिस्थानमें रहनेवाला महमद चाहकर भी प्रतीदिन नहा नही सकता था!

*. मुसलमान कहते है, हम वंदेमातरम नही कहेंगे क्यों की हम मातृभूमि को नही मानते तो फिर ये महमद की अरब भूमी के आगे दिन में ५ बार माथा क्यों रगड़ते है (ये भी महमद का सुन्ना है जिसके आधार पर महमद सारे विश्व को उसकी मातृभूमि के आगे झुकाता है)

*. ये मुल्ले अपने बच्चो के नाम सारे अरबस्तानसे आयात (Import) करते है! क्यों? महमद ने कहा इस लिए! ये तो इस्लाम, जैसे धर्म की आड में अरब श्रेष्ठता का विषयला साम्राज्यवादही हो ऐसा प्रतीत होता है!

*. इतना ही नही ये मुस्लिम अपनी कमाई में से कमसे कम १०% जकात के रूप में महमद की मातृभूमि अरब देशो को भेजते है! यह भी इस्लामी सुन्ना है!

*. अपना घर बार बेचकर हज की यात्रा करने वाले कई मुस्लिम आप को भारत पाकिस्तान और अफ्रीका के अनेक भागो में मिलेंगे! इससे अरब राष्ट्रों को इतना पैसा मिलता है की कोई भी काम किये बिना वे राजा के समान जीवन बिता सकते है! यदी उनका तेल समाप्त हो जाए तो भी !!

महमद का इस्लाम उसके देश बंधूओ (अरबो) के लिए एक वरदान सिद्ध हुआ है और अरबेतर (जो मुस्लिमअरब नही है वे) अरब राष्ट्र के गुलाम, जिन्हें अपने आप में कोई अस्तित्व नही!

इसी महमद की सीख है की उसे न मनने वाले काफिरो है! जिन्हें कतल करना भी महमद का सुन्ना (आचरण) है! काफ़िर वे है जो महमद का आचरण नही करते! इस लिए वे सब के सब नर्क में सड़ेंगे! क्या ये विचार धारा का पाठ पढा के शांति और सुखी जीवन संभव है?

यदि कोई मुस्लिम इस सुन्ना को नही पलता तो वह नर्कभागी काफ़िर हो जाएगा यही इस्लामी साहित्य बताता है

Tuesday, May 7, 2013

मलेशियन पुलिस एक हिन्दू उद्योगपति के बंगले में बने मन्दिर को ध्वस्त करते हुए

हिन्दुओ अब तो जागो ... क्या पूरा विश्व सिर्फ हिन्दुओ से ही धर्मनिरपेक्ष रहने की उम्मीद करेगा ?
मलेशिया के एक प्रान्त ने एक कानून पास किया है जिसमे अनुसार उस प्रान्त में मस्जिद के आलावा दूसरा कोई भी पूजा स्थल नही होंगे ..

यहाँ तक की कोई भी हिन्दू या बौद्ध अपने घर के अंदर भी मन्दिर नही बनवा सकता |
चित्र में देखिये .. मलेशियन पुलिस एक हिन्दू उद्योगपति के बंगले में बने मन्दिर को ध्वस्त करते हुए

Saturday, May 4, 2013

गद्दार गिलानी ने सरबजीत का शव लौटाने के लिये की पाक की सराहना




गद्दार गिलानी ने सरबजीत का शव लौटाने के लिये की पाक की सराहना

जहां पुरा देश सरबजीत सिंह के प्रति पाकिस्तान के अमानवीय व्यवहार के लिये आक्रोशित है वही अलगाववादी नेता सईद अली गिलानी को लगता है कि सरबजीत का शव भारत को सौंपकर पाकिस्तान ने उदारता का उदाहरण पेश किया है। सरबजीत की पाकिस्तान की एक जेल में बर्बरता हत्या कर दी गयी।

भारत के प्रति अपनी अनिष्ठा की सारी सीमाए पार करते हुए हुरियत कॉन्फ़रंस के अध्यक्ष ने कहा कि सरबजीत का शव भारत को सौंपकर पाकिस्तान ने उदारता का दिखायी है और भारत को पाकिस्तान से सीख लेते हुए अफ़झल गुरु के शव को उसके परिजनों को सौंप देने चाहिये।

उन्होंने कहा, “सरबजीत का शव भारत को सौंपकर पाकिस्तान ने अपना उदार दृष्टिकोण दिखाया है। भारत सरकार को पाकिस्तान का अनुकरण करते हुए अपना अड़ियल रुख छोड़कर शहिद भट और शहिद गुरु के शव वापस सौंप देने चाहिये।”

बेशरम पाकिस्तान समर्थक नेता यही नही रुके। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान मानवता का काम करते हुए उपनिवेशवादी भारत सरकार पर नैतिक जीत हासिल की है।”

गुरुवार को जारी किये एक बयान में उन्होंने कहा, “ इसके विपरित भारत सरकार ने अफ़झल गुरु का शव उसके परिजनों को सौंपने से इंकार किया।”

भारत सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए गिलानी ने कहा, “विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का भारत का दावा झूठा साबित हुआ है। वही अनेक संकटों के बावजूद सरबजीत का शव सौंप कर पाकिस्तान ने बहुत मानवीय व्यावहार किया।”

सईद अली गिलानी भारत में पाकिस्तान का वेतनभोगी दलाल?

ये पहली बार नही जब सईद अली गिलानी ने भारत के बारे में आग उगली है। अलगाववादी नेताओं में सबसे ज्यादा मुंहफ़ट नेता के रुप में उनकी पहचान है। गिलानी ने कई बार सार्वजनिक स्तर पर पाकिस्तान का खुला समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा है और भारत ने उसपर अवैध कब्जा किया है। उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद का जोरदार समर्थन किया है और उनका मानना है कि घाटी में आतंकवाद ने ही भारत सरकार को उनकी मांग पर ध्यान देने के लिये मजबूर किया है।

गिलानी कश्मीर में भारतीय सेना की शांति मुहिम का विरोधी रहे है। जुलाई 2010 में सरकार ने युद्धविराम की घोषणा की और उसे नकारने में हुरियत नेताओं में गिलानी सबसे आये थे।

अक्तुबर 2010 में दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में भारत विरोधी बयानबाजी करने के लिये उनकी काफ़ी आलोचना हुई थी। जुलाई 2012 में नैशनल कॉंन्फ़रन्स के एक नेता ने आरोप लगाया था कि गिलानी आईएसआई के वेतनभोगी दलाल है। उनपर 2010 में कश्मीर में हुई हिंसा को बढ़ाने का भी आरोप है।

कौन लगायेगा गिलानी पर लगाम?

भारत के विरोध में गिलानी की बगावत के बावजूद आज वो खुले आम घुम रहा है और अपनी जहरीली जुबान से लोगों की भावनाओं को भड़का रहा है। लेकिन ऐसा लगता है कि भारत की एकता को नुकसान पहुंचाने वाले गिलानी की तरफ़ ओमर अब्दुल्ला सरकार ने आंखें मूंद ली है।

क्या ये खबर किसी "news" चेनल पर देखी ?

क्या ये खबर किसी "news" चेनल पर देखी ?

मंदिर में घंटा बजाना पाप है अब !! कुछ दिन और रुको मंदिर देखने मात्र से मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हो जाएगी फिर मंदिर को भी माया के हाथी की तरह ढँक दिया जाएगा 

हैदराबाद के कांग्रेस के सांसद ओबेदुल्ला ओबैसी ने मांग किया कि मुस्लिम बहुल छेत्रो मे जो मंदिर है उसमे घंटे बजाने पर रोक लगा दिया जाये क्योकि घंटे गैर इस्लामिक होते है और इनकी आवाज किसी मुस्लिम के कानों मे नहीं जानी चाहिए .. और इससे मुसलमानों की भावनाएं आहत होती है फिर क्या था ..आन्ध्रप्रदेश मे कांग्रेस की ही सरकार है और मुख्यमंत्री ने तुरंत दिल्ली हाईकमान को इसकी सुचना दी ..मैडम तो वैसे ही हिन्दुओ से घृणा करती है .तुरंत बोल दिया कि फरमान जारी कर दो कि अब कोई भी हिंदू किसी भी मंदिर मे घंटा नहीं बजा पायेगा .. हर मंदिर मे महिला पुलिस कांस्टेबलों की डीयूटी लग जो घंटो को रस्सी से बांधकर पकड़ी है ..ताकि कोई बजा नहीं पाए .. अगर किसी ने बजाने की जुर्रत की तो सीधे जेल .. बड़ी बात तो यह है की संतो के स्टिंग ओपरेशन करने वाली मीडिया को इस खबर के बारे में पता नहीं है वोह ..हाय रे हमारा दुर्भाग्य हम आजाद हिन्दुस्तान मे मंदिरों मे घंटे भी नही बजा सकते .

इस्लाम के अनुसार हराम क्या है ,और हलाल क्या है ?

कठ मुल्लो के इस्लाम के अनुसार हराम क्या है ,और हलाल क्या है ????
(कुराने पाक में कही कोई ईस तरह की आयत नही )
1 -अल्लाह का नाम लिए बिना जानवर को मारना हराम है .लेकिन जिहाद के नाम से हजारों इंसानों का क़त्ल करना हलाल है .
2-यहूदियों ,ईसाइयों से दोस्ती करना हराम है .लेकिन यहूदियों ,ईसाईयों का क़त्ल करना हलाल है .
3-टी वी और सिनेमा देखना हराम है .लेकिन सार्वजनिक रूप से औरतों को पत्थर मार हत्या करते हुए देखना हलाल है .
4-किसी औरत को बेपर्दा देखना हराम है .लेकिन किसी गुलाम औरत को बेचते समय नंगा करके देखना हलाल है .
5-शराब का धंदा करना हराम है .लेकिन औरतों ,बच्चों को गुलाम बना कर बेचने का धंधा हलाल है .
6-संगीत सुनना हराम है . लेकिन जिहाद के कारण मारे गए निर्दोष लोगों के घर वालों की चीख पुकार
सुनना हलाल है .
7घोड़ों की दौड़ पर दाव लगाना हराम है .लेकिन काफिरों के घोड़े चुरा कर बेचना हलाल है
8-औरतों को एक से अधिक पति रखना हराम है .लेकिन मर्दों के लिए एक से अधिक पत्नियाँ रखना हलाल है .
9-चार से अधिक औरतें रखना हराम है . लेकिन अपने हरम में सैकड़ों रखेंलें रखना हलाल है .
10किसी मुस्लिम का दिल दुखाना हराम है . लेकिन किसी गैर मुस्लिम का सर काटना हलाल है .
11-औरतों के साथ व्यभिचार करना हराम है .लेकिन जिहाद में पकड़ी गयी औरतों के साथ सामूहिक बलात्कार करना हलाल है .
12-जब किसी औरत की पत्थर मार कर हत्या की जा रही हो ,तो उसे बचाना हराम है .जब उसी अपराध के लिए औरत को जिन्दा जलाया जा रहा हो,तो तमाशा देखना हलाल है .
इन थोड़े से मुद्दों को ध्यान से पढ़ने से उन लोगों की आँखें खुल जानी चाहिए जो कठ मुल्लो के इस्लाम को शांति का धर्म समझ बैठे है ।